मुख्यमंत्री योगी
आदित्यनाथ ने पांच दिवसीय सिद्धार्थनगर
महोत्सव का बुधवार को शुभारंभ किया।
इस दौरान उन्होंने 1,052 करोड़ रुपए की
229 परियोजनाओं का लोकार्पण और
शिलान्यास किया। सीएम ने कहा कि
हमने 25 करोड़ की आबादी को परिवार
मानकर विकास कार्य आगे बढ़ाए हैं।
बीमार मानसिकता वाले लोगों ने इस क्षेत्र
को बीमार कर दिया था, लेकिन हमने दृढ़
संकल्प से बीमारी दूर कर दी। अब हम
उपद्रव से उत्सव प्रदेश की तरफ भी बढ़
चुके हैं। सीएम ने बेसिक शिक्षा परिषद के
शिक्षक-शिक्षिकाओं की सरस्वती वंदना
को सराहते हुए कहा कि जब ऐसे संस्कार
बच्चों में जाएंगे तो वे विकसित भारत की
संकल्पना के वाहक बनेंगे। इस अवसर पर
सरकारी योजनाओं की मदद से सफलता
हासिल करने वालीदो महिला उद्यमियों ने
मंच पर मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी कहानी
साझा की।
सीएम योगी ने कहा कि जनप्रतिनिधियों
के प्रस्तावों, प्रयासों से जनपद में योजनाएं
लागू हो रही हैं।
सरकार निमित्त मात्र है,
हम बिना भेदभाव पैसा दे देते हैं। हमने 25
करोड़ की आबादी को परिवार मानकर
विकास के अभियान को बढ़ाया है। सीएम
ने नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय व सपा
विधायक सैयदा खातून को इस आयोजन
में शामिल होने के लिए धन्यवाद दिया और
आभार प्रकट किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन हताशा-
निराशा के लिए नहीं, बल्कि उत्साह-उमंग
और एक-दूसरे के साथ मिलकर विकास
के अभियान को बढ़ाने के लिए मिला है। हर
जगह काट-छांट नहीं होनी चाहिए। प्रयास
अच्छी सोच के साथ प्रारंभ करें। सरकार
बांटकर विकास नहीं कर सकती।
अपने-
पराए, जाति, मत-मजहब, क्षेत्र व भाषा के
रूप में भेदभाव न हो बल्कि समग्रता, सतत
विकास के भाव से कार्य हो। सतत विकास
कीदृष्टि से किया गया प्रयास ही रामराज्य
की अवधारणा का साकार रूप है। विकास
का आधार हर तबका, गांव, गरीब, किसान
व युवा होना चाहिए। बिना भेदभाव हर गरीब
को राशन, शौचालय, प्रधानमंत्री आवास
योजना, आयुष्मान कार्ड का लाभ मिलना
चाहिए। सरकार की योजनाएं गरीबों,
महिलाओं, युवाओं व किसानों को फोकस
करते हुए बनी हैं। हमने ‘सबका साथ,
सबका विकास’ के आधार पर नागरिकों
को गरीब कल्याणकारीयोजनाओं का लाभ
दिया। उन्होंने ‘विकसित भारत जी राम जी’
योजना के फायदे भी बताए।
सीएम योगी ने कहा कि 8-10 साल
पहले कोई सोचता नहीं था कि यहां भी
मेडिकल कॉलेज होगा, लेकिन आज
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज
का निर्माण हुआ है। यहां नर्सिंग कॉलेज
भीप्रारंभ हो गया है। महिला छात्रावास का
शिलान्यास किया गया है। सीएसआर फंड
से एक हजार सीटों वाले ऑडिटोरियम
निर्माण को भी आगे बढ़ाया है।