अमेरिका के
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को
कहा कि उनका देश ईरान में अपने सैन्य
अभियानों को समाप्त करने के लिए एक
और अधिक समझदार शासन के साथ
गंभीरता से बातचीत कर रहा है।
उन्होंने कहा कि इस दिशा में काफी
प्रगति हुई है। लेकिन अगर किसी भी वजह
जल्द ही कोई समझौता नहीं हो पाता है
(जिसकी बहुत अधिक संभावना है)
और अगर होर्मुजलडमरूमध्य व्यापार के
लिए नहीं खुलता है, तो हम उनके सभी
बिजली उत्पादन संयंत्रों, तेल कुओं और
खर्ग द्वीप को पूरी तरह तबाह कर देंगे,
जिन्हें हमने जानबूझकर अभी तक छुआ
नहीं है।
उन्होंने लिखा, यह उन असंख्य
सैनिकों और अन्य लोगों का बदला होगा,
जिन्हें ईरान ने पिछले शासन के 47 वर्षों
के आतंक के दौरान बेरहमी से मार डाला
था। इस मामले पर ध्यान देने के धन्यवाद।
इससे पहले स्पेन ने अमेरिकी लड़ाकू
विमानों के लिए अपने हवाई क्षेत्र को बंद
करने का एलान किया। स्पेनिश रक्षा मंत्री
मार्गरीटा रोबल्स ने कहा, हम ईरान के
साथ जंग से जुड़ी किसी भी कार्रवाई के
लिए न तो सैन्य अड्डों के इस्तेमाल की
अनुमति देते हैं और न ही हवाई क्षेत्र के
उपयोग की। यह कदम पहली बार स्पेनिश
अखबार एल पेस में प्रकाशित हुआ था,
जिसमें सैन्य सूत्रों का हवाला दिया गया
था। रिपोर्ट के अनुसार, इस प्रतिबंध के
कारण पश्चिम एशिया में लक्ष्यों की ओर
जाने वाले सैन्य विमानों को नाटो सदस्य
स्पेन से होकर गुजरने के बजाय वैकल्पिक
मार्ग अपनाना पड़ेगा। हालांकि,
आपातकालीन स्थितियों में हवाई क्षेत्र बंद
करने कायह नियम लागू नहीं होगा।
इससे
पहले, रविवार को ट्रंप ने क्यूबा पर हमले
की चेतावनी दी।
वहीं फाइनेंशियल टाइम्स को दिए
एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि उनके पास
कई सैन्य विकल्प मौजूद हैं। उन्होंने कहा
शायद हम खर्ग द्वीप ले लें, शायद नहीं…
हमारे पास बहुत सारे विकल्प हैं।खर्ग द्वीप
ईरान का सबसे अहम तेल निर्यात हब है,
जहां से देश का अधिकांश कच्चा तेल
दुनिया भर में भेजा जाता है। ऐसे में इस
द्वीप पर कब्जा करना सीधे तौर पर ईरान
की अर्थव्यवस्था पर बड़ा झटका होगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल
पर एक संदेश साझा करते हुए कहा कि
ईरान में आज का दिन खास रहा। उन्होंने
बताया कि अमेरिकी सशस्त्र बलों ने कई
लंबे समय से खोजे जा रहे लक्ष्यों को ढेर
कर दिया है और वे अब ध्वस्त हो चुके हैं।
ट्रंप ने अपने बलों की सराहना करते हुए
कहा कि यह सेना दुनिया की सबसे श्रेष्ठ
और घातक है। साथ ही उन्होंने सभी के
लिए ईश्वर का आशीर्वाद भी मांगा।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका पहले
ही पश्चिम एशिया में अपने सैन्य बल को
मजबूत कर चुका है। करीब 10,000
सैनिकों की तैनाती की योजना बनाई गई
है, जिनमें मरीन और एयरबोर्नडिवीजन
के जवान शामिल हैं।
विशेषज्ञों का मानना
है कि अगर खार्ग द्वीप पर हमला होता है,
तो यह संघर्ष को और खतरनाक बना
सकता है और अमेरिका को भी भारी
नुकसान उठाना पड़ सकता है।
हालांकि युद्ध के बीच कूटनीतिक
प्रयास भी जारी हैं। ट्रंप ने दावा किया कि
पाकिस्तान के जरिए ईरान से अप्रत्यक्ष
बातचीत हो रही है और 6 अप्रैल तक
समझौते का समय दिया गया है। उन्होंने
यह भी कहा कि अगर समझौता नहीं हुआ,
तो अमेरिका ईरान के ऊर्जा ढांचे पर हमला
कर सकता है।
पश्चिम एशिया संकट का असर सीधे
तेल की कीमतों पर दिख रहा है। ब्रेंट
क्रूड की कीमत 116 डॉलर प्रति बैरल के
पार पहुंच गई है, जो पिछले एक महीने
में 50% से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्शाता
है। ऊर्जाविशेषज्ञों का कहना है कि यदि
खार्ग द्वीप प्रभावित होता है, तो वैश्विक
सप्लाई चेन पर गंभीर असर पड़ेगा। ईरान
और इस्राइल के बीच शुरू हुआ यह युद्ध
अब कई देशों को अपनी चपेट में ले रहा
है। हाल ही में सऊदी अरब स्थित एक
अमेरिकी एयरबेस पर हमला हुआ,
जिसमें अमेरिकी सैनिक घायल हुए। वहीं
यमन के हूती विद्रोहियों ने भी इस्राइल की
ओर मिसाइल दागी है।