उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री
योगी आदित्यनाथ ने नए शैक्षणिक सत्र की
शुरुआत पर छात्रों को स्क्रीन टाइम कम कर
एक्टिविटी टाइम बढ़ाने की सलाह दी है। उन्होंने
कहा कि तकनीक के इस दौर में उसका संतुलित
उपयोग जरूरी है, लेकिन बच्चों का समग्र
विकास तभी संभव है जब वे खेल, योग और
रचनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी
करें। मुख्यमंत्री योगी ने नए शैक्षणिक सत्र के
आगाज़ पर छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों
को शुभकामनाएं देते हुए एक पाती लिखी है,
जिसमें उन्होंने कहा किशिक्षा को लेकर सरकार
की प्राथमिकताओं को दोहराया। उन्होंने कहा
कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी
बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे और ‘स्कूल चलो
अभियान’ इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संदेश में
कहा, “नया शैक्षणिक सत्र आरंभ हो रहा है। मैं
सभी बच्चों को उनके स्वर्णिम भविष्य के लिए
शुभकामनाएं देता हूं। आप सभी अपनी रुचि के
विषयों, खेलकूद और विद्यालय की गतिविधियों
में पूरे मनोयोग से हिस्सा लें और अपने सपनों को
साकार करें।” उन्होंने कहा कि सरकार प्रत्येक
बच्चे को गुणवत्तापूर्ण और संस्कारयुक्त शिक्षा
उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। विद्यालय
केवल पढ़ाई का स्थान नहीं, बल्कि व्यक्तित्व
निर्माण की पहली पाठशाला है। यहीं से जीवन
के मूल संस्कार और शिक्षा मिलती है, जो आगे
का मार्ग प्रशस्त करती है। सीएम योगी ने भारतीय
परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा, “प्रभु श्रीराम
के मर्यादा पुरुषोत्तम बनने और भगवान श्रीकृष्ण
के कर्मयोगी स्वरूप की आधारशिला गुरुकुल
शिक्षा में ही रखी गई थी। आप सभी के लिए
भी शिक्षा इसी कर्तव्यपथ का अभिन्न अंग है।”
उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे
स्वामी विवेकानंद के सिद्धांतों को अपने जीवन
में अपनाएं। परिश्रम और सकारात्मक सोच के
साथ आप असंभव लक्ष्य भी प्राप्त कर सकते
हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों को खेलकूद
और योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना
चाहिए। साथ ही उन्होंने तकनीक के संतुलित
उपयोग की सलाह देते हुए कहा, “आज का युग
तकनीक का है, लेकिन स्क्रीन टाइम