राजकरण

नायरा का पेट्रोल 5, डीजल 3 रुपए महंगा

मध्य पूर्व तनाव का असर: अब तक कच्चे तेल की कीमतें करीब 50 प्रतिशत तक बढ़ चुकी

 निजी ईंधन विक्रेता नायरा एनर्जी ने गुरुवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। कंपनी ने पेट्रोल के दाम 5 रुपए प्रति लीटर और डीजल के दाम 3 रुपए प्रति लीटर बढ़ाए हैं। इस फैसले के साथ नायरा एनर्जी उन शुरुआती कंपनियों में शामिल हो गई है, जिन्होंने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी करके वैश्विक कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का असर सीधे ग्राहकों तक पहुंचाया है। हालांकि, अलग-अलग राज्यों में वैट (वीएटी) जैसे स्थानीय टैक्स के कारण कीमतों में थोड़ा फर्क हो सकता है। कुछ जगहों पर पेट्रोल की कीमत 5.30 रुपए प्रति लीटर तक बढ़ गई है। यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है, जब मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में तेज उछाल आया है। फरवरी के आखिर से अब तक कच्चे तेल की कीमतें करीब 50 प्रतिशत तक बढ़ चुकी हैं।

इस दौरान इजरायल द्वारा ईरान पर हमले और उसके जवाबी कदमों के चलते तेल सप्लाई में बाधा की आशंका बढ़ गई थी। हाल ही में अंतरराष्ट्रीय कच्चा तेल करीब 119 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था, जो बाद में घटकर लगभग 100 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। इसके बावजूद सरकारी तेल कंपनियां जैसे इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने अभी तक पेट्रोल और डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं किया है। ये सरकारी कंपनियां देश के लगभग 90 प्रतिशत फ्यूल रिटेल मार्केट को नियंत्रित करती हैं और अप्रैल 2022 से कीमतें लगभग स्थिर बनी हुई हैं।

भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए काफी हद तक आयात पर निर्भर है और करीब 88 प्रतिशत कच्चा तेल विदेशों से आता है। इसमें से बड़ी मात्रा होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते आती है, जो इस समय तनाव के कारण प्रभावित हो रहा है। इस बीच सरकार ने कहा है कि देश में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और सभी पेट्रोल पंप सामान्य रूप से काम कर रहे हैं। सरकार ने यह भी बताया कि देश भर में पीएनजी कनेक्शन तेजी से बढ़ाए जा रहे हैं और सभी रिफाइनरी उच्च क्षमता पर काम कर रही हैं। कुछ क्षेत्रों में अफवाहों के कारण घबराहट में खरीदारी देखी गई, लेकिन सरकार ने साफ किया है कि किसी तरह की कमी नहीं है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। देश के 6,967 पेट्रोल पंपों पर कंपनी का संचालन नायरा एनर्जी देश के कुल 1,02,075 पेट्रोल पंपों में से करीब 6,967 पंप संचालित करती है। कंपनी ने अब बढ़ी हुई लागत का कुछ हिस्सा उपभोक्ताओं पर डालने का फैसला किया है।

हालांकि, इस मुद्दे पर कंपनी की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया फिलहाल सामने नहीं आई है। सूत्रों के अनुसार, रूस की रोसनेफ्ट के स्वामित्व वाली नायरा ने पेट्रोल की कीमत में पांच रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत में तीन रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की है, लेकिन प्रभावी वृद्धि दर राज्यों के अनुसार अलग-अलग है, जो वैट जैसे स्थानीय करों पर निर्भर करती है। कुछ स्थानों पर पेट्रोल की कीमत में 5.30 रुपये प्रति लीटर तक की वृद्धि हुई है। वहीं रिलायंस इंडस्ट्रीज और बीपी की संयुक्त कंपनी जियो-बीपी ने अब तक कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है, जबकि उसे पेट्रोल-डीजल बिक्री पर नुकसान उठाना पड़ रहा है। दूसरी ओर, सरकारी तेल कंपनियां इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम, जो बाजार के लगभग 90 प्रतिशत हिस्से पर नियंत्रण रखती हैं, अप्रैल 2022 से खुदरा कीमतों को स्थिर बनाए हुए हैं।

निजी कंपनियों की भरपाई के लिए कोई सरकारी सहायता नहीं सूत्रों का कहना है कि निजी कंपनियों को नुकसान की भरपाई के लिए कोई सरकारी सहायता नहीं मिलती, जबकि सरकारी कंपनियां कीमतें नियंत्रित रखने में समर्थित रहती हैं। लगातार बढ़ते घाटे के चलते निजी कंपनियों के पास कीमतें बढ़ाने के अलावा विकल्प सीमित हो गए हैं। प्रीमियम पेट्रोल के दाम हुए महंगे हालांकि, सरकारी कंपनियों ने हाल ही में प्रीमियम पेट्रोल (95 ऑक्टेन) के दाम में दो रुपये प्रति लीटर और औद्योगिक उपयोग के लिए बल्क डीजल की कीमत में करीब 22 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। दिल्ली में प्रीमियम पेट्रोल 99.89 रुपये से बढ़कर 101.89 रुपये प्रति लीटर हो गया है, जबकि बल्क डीजल 87.67 रुपये से बढ़कर 109.59 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है। इसके बावजूद सामान्य पेट्रोल (94.77 रुपये) और डीजल (87.67 रुपये) की कीमतें जस की तस बनी हुई हैं।