राजकरण

बजट से प्रॉपर्टी बाजार गुलजार होने के आसार, दिल्ली- एनसीआर में निवेश को मिलेगी प्राथमिकता

बजट के बाद रियल एस्टेट सेक्टर में तेजी की उम्मीद है, जिससे दिल्ली-एनसीआर में प्रॉपर्टी निवेश को खास बढ़ावा मिल सकता है।

केंद्रीय बजट 2026-27 के पेश होने के बाद दिल्ली- एनसीआर सहित पूरे देश के शहरी इलाकों में घर निर्माण उद्योग को बढ़ावा मिल सकता है। रहने के लिए अफोर्डेबल घरों से लेकर निवेश की दृष्टि से खरीदे जाने वाले घरों का दौर एक बार फिर वापस आ सकता है। यदि ऐसा होता है तो दिल्ली- एनसीआर में एक बार फिर प्रॉपर्टी की कीमतों में उछाल देखने को मिल सकता है। केंद्र सरकार ने बजट में निर्माण को बढ़ावा देने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं। बजट में वित्त वर्ष 2026- 27 में कैपिटल एक्सपेंडिचर को 12.2 लाख करोड़ निर्धारित किया गया है।

यह पैसा रेल, सड़क, ब्रिज सहित अनेक योजनाओं में किया जा सकता है। केंद्र सरकार ने दिल्ली से वाराणसी के साथसाथ अन्य क्षेत्रों के लिए सात बड़े हाई स्पीड कॉरीडोर बनाने का निर्णय लिया है। ये सड़कें या कॉरीडोर जिस भी मार्ग से गुजरते हैं, वहां प्रॉपर्टी बाजार को पंख लग जाते हैं। इस दृष्टि से बजट ने दिल्ली- एनसीआर के प्रॉपर्टी बाजार को एक और बूम देने का रास्ता साफ कर दिया है। सरकारी जमीन को मोनेटाइज करते हुए उसका उपयोग घर निर्माण कराने पर सैद्धांतिक सहमति बन चुकी है। देश की कई एजेंसियां अब ऐसी भूमि का लैंड यूज बदलते हुए उसे घर निर्माण के काम में लगा रही हैं।

इसमें डीडीए के साथ-साथ अन्य एजेंसियां भी शामिल हैं। अकेले दिल्ली की बात करें तो यहां इस वर्ष से लेकर आगामी एक-दो वर्षों के भीतर कई बड़े निर्माण कर गरीबों और सामान्य वर्ग को घर मुहैया कराने की कोशिश की जा सकती है। इससे भी लोगों को घर पाने की संभावना बढ़ेगी। इंफ्रास्ट्रक्चर रिस्क गारंटी फंड एक नया फंड है जिसे जारी कर सरकार ने हाउसिंग सेक्टर में काम करने वाली कंपनियों-डवलपर को आर्थिक ताकत मुहैया कराने का काम किया है। हाउसिंग सेक्टर में भारीनिर्माण लागत के कारण कई बार डवलपर को बाजार से कर्ज उठाना पड़ता था जो कई बार उनके लिए घाटे का सौदा साबित होता था, लेकिन केंद्र सरकार के स्तर पर इस तरह की योजना आने से किसी भूमि को विकसित करने में पैसा आड़े नहीं आएगा। इससे दिल्ली और आसपास की एरिया में प्रॉपर्टी के निर्माण और बिक्री में बढ़ोतरी हो सकती है। बजट में सात रेलवे कॉरीडोर और पांच यनिू वर्सिटी टाउनशिप विकसित करने की बात भी कही गई है। इस योजना के जमीन पर उतारने के लिए अलग-अलग सेक्टरों में निर्माण गतिविधियों में तेजी आएगी। एसआरईडी रिटल एडवाइजर े ी के मुख्य सलाहकार श्रीराम पीएम मोंगा ने से कहा कि केंद्र सरकार ने बजट में केवल निर्माण गतिविधियों को बढ़ाने के लिए मार्ग ही नहीं दिखाया है, बल्कि इससे दिल्ली-एनसीआर सहित शहरी क्षेत्रों में घर खरीदने वालों की संख्या में बढ़ोतरी होगी।