वारदात
बहसूमा जाने से कांग्रेसियों को पुलिस ने रोका, किए हाऊस अरेस्ट
बहसूमा जाने की कोशिश कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोकते हुए कई नेताओं को एहतियातन हाउस अरेस्ट किया।
बहसूमा
में कश्यप समाज की एक नाबालिग बेटी
के साथ हुई अत्यंत गंभीर, शर्मनाक एवं
अमानवीय घटना की वास्तविक स्थिति
जानने के उद्देश्य से सोमवार को कांग्रेस
का एक प्रतिनिधि मंडल बहसूमा के
लिए रवाना हुआ। जब प्रतिनिधिमंडल
गंगानगर क्षेत्र पहुंचा, तो पुलिस प्रशासन
ने उसे रोक लिया। प्रशासन द्वारा सड़क
पर काफी देर तक प्रतिनिधिमंडल को रोके
रखा। इस दौरान पूर्वजिलाध्यक्ष अवनीश
काजला और कांग्रेस कार्यकर्ताओं की
पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।
प्रतिनिधिमंडल में सांसद इमरान मसूद
को प्रशासन ने काशी टोल पर ही रोक
लिया और बहसूमा जाने से प्रतिबंधित
कर दिया। इस प्रतिनिधिमंडल में प्रमुख
रूप से पूर्व ज़िला अध्यक्ष अवनीश
काजला, पूर्वविधायक हरेंद्र अग्रवाल,
विशाल वशिष्ठ, धूम सिंह गुर्जर, ज़ाहिद
अंसारी, मोनिंदर सूद वाल्मीकि, लव
कश्यप, विवेक त्यागी, सुमित विकल,
सैय्यद रिहानुद्दीन, सुनीता मंडल, विक्रांत
वशिष्ठ, सुनील शर्मा, मैनुद्दीन चौधरी,
अरुण त्यागी शामिल थे।
गौरतलब है कि पुलिस प्रशासन ने
पहले से ही कांग्रेस के अधिकांश वरिष्ठ
नेताओं को उनके घरों पर ही नज़रबंद
कर दिया था। पूर्वज़िलाध्यक्ष अवनीश
काजला, महानगर अध्यक्ष रंजन शर्मा
एवं सलीम ख़ान को रात से ही हाउस
अरेस्ट कर लिया था। इसके बावजूद जब
अवनीश काजला गंगानगर पहुंचे, तो वहां
पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया।