सर्वाइकल
कैंसर जागरूकता माह के अवसर पर
मेडिकल कॉलेज के प्रसूति एवंस्त्री रोग
विभाग और ममता एच.आई.एम.सी.
एनजीओ ने मिलकर एक जरूरी और
सराहनीय जागरूकता कार्यक्रम का
आयोजन किया। कार्यक्रम का मुख्य
उद्देश्य चिकित्सालय के ओपीडी में आने
वाली महिलाओं को इस रोग के लक्षण,
बचाव और उपचार के प्रति जागरूक
करना था। कार्यक्रम में मेडिकल कॉलेज
के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने दी महत्वपूर्ण
जानकारियां दी।
कार्यक्रम में डॉ. शकुन सिंह
(विभागाध्यक्षा, स्त्री एवं प्रसूति रोग
विभाग) ने मरीजों को सर्वाइकल कैंसर
के लक्षण और उसके प्रबंधन के बारे में
विस्तार से समझाया।
उन्होंने इस बीमारी
की गंभीरता और समय पर इलाज की
आवश्यकता पर प्रकाश डाला। डॉ.
रचना चौधरी ने एचपीवी वैक्सीन के
महत्व और उसकी उपलब्धता के बारे
में जानकारी दी, इस कैंसर को रोकने
में एक मजबूत हथियार है। डॉ. अरुणा
वर्मा और डॉ. अनुपम वर्मा ने पैप स्मीयर
टेस्ट की अहमियत को रेखांकित किया।
कार्यक्रम में नुक्कड़ नाटक के जरिए भी
महत्वपूर्ण संदेश दिए गए। कार्यक्रम का
सबसे रचनात्मक और आकर्षक हिस्सा
था एक नुक्कड़ नाटक। डॉ. काजल और
डॉ. अनुभी ने एनजीओ के सदस्यों के
साथ मिलकर एक ऐसा नाटक प्रस्तुत
किया, जिसने सर्वाइकल कैंसर की
रोकथाम के गूढ़ चिकित्सकीय संदेशों
को सरल, मनोरंजक और यादगार बना
दिया। इसने ओपीडी में मौजूद सभी लोगों
का ध्यान खींचा और संदेश को प्रभावी
ढंग से पहुंचाया। इस अहम कार्यक्रम में
डॉ. मोनिका, डॉ. प्रतिभा, डॉ. अनुराधा,
डॉ. गुंजन, डॉ. अनुषा, डॉ. सोनम सहित
विभाग के सभी वरिष्ठ एव कं निष्ठरेजीडेंट
डॉक्टर्स उपस्थित रहे, जिससे इस पहल
को पूरे विभाग का समर्थन मिला। प्राचार्य
डॉ. आर.सी. गुप्ता ने स्त्री एवं प्रसूति रोग
विभाग को इस जागरूकता अभियान के
आयोजन हेतु शुभकामनाएं दी।