उत्तर प्रदेश को
रोमांचक और अनुभव आधारित पर्यटन का
प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में राज्य सरकार
ने बड़ा कदम उठाया है। गर्मियों के मौसम
में पर्यटन गतिविधियों को नया आयाम देने
के उद्देश्य से पर्यटन विभाग ने उत्तर प्रदेश
पर्यटन नीति-2022 के तहत एडवेंचर टूरिज्म
परियोजनाओं में निवेश के लिए उद्यमियों,
संस्थाओं और निजी क्षेत्र को आमंत्रित किया
है। सरकार का लक्ष्य प्रदेश को देश के प्रमुख
एडवेंचर टूरिज्म गंतव्यों में शामिल करना
है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने
कहा कि राज्य में पर्यटन को केवल दर्शनीय
स्थलों तक सीमित न रखकर उसे रोमांचक
अनुभवों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा
है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की भौगोलिक
और प्राकृतिक विविधता एडवेंचर टूरिज्म के
लिए अपार संभावनाएं प्रदान करती है और
निजी क्षेत्र की भागीदारी से इसे नई पहचान
दी जाएगी। पर्यटकों की बदलती रुचियों और
सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए एडवेंचर
टूरिज्म गतिविधियों को तीन प्रमुख श्रेणियों—
भूमि आधारित, जल आधारित और वायु
आधारित—में विकसित करने की योजना
बनाई गई है। इसके माध्यम से युवाओं और
रोमांच प्रेमी पर्यटकों को आकर्षित करने के
साथ-साथ प्रदेश के पर्यटन परिदृश्य को भी नई
दिशा देने का लक्ष्य है।
भूमि आधारित एडवेंचर
टूरिज्म के अंतर्गत एटीवी (ऑल-टेरेन
व्हीकल) टूर, बंजी जंपिंग, साइकिलिंग टूर,
जीप सफारी और मोटरसाइकिल टूर जैसी
गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। इन
गतिविधियों के जरिए रोमांच पसंद पर्यटकों
को नया अनुभव देने के साथ-साथ स्थानीय
स्तर पर पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। जल
आधारित एडवेंचर टूरिज्म के तहत कयाकिंग,
राफ्टिंग, रिवर क्रूज़िंग और आधुनिक वाटर
स्पोर्ट्स सेंटर विकसित करने की योजना
है, जिससे नदियों और जलाशयों से जुड़े
क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियां बढ़ सकेंगी।
वहीं वायु आधारित एडवेंचर टूरिज्म के
अंतर्गत हॉट एयर बैलूनिंग, पैराग्लाइडिंग
और स्काईडाइविंग जैसी गतिविधियों को
प्रोत्साहित किया जाएगा।
पर्यटन विभाग के अनुसार, उत्तर प्रदेश
पर्यटन नीति-2022 के तहत निवेशकों को
आकर्षक प्रोत्साहन भी दिए जाएंगे। 10
लाख से 10 करोड़ रुपए तक के निवेश पर
25 प्रतिशत तक सब्सिडी (अधिकतम दो
करोड़) का प्रावधान है।
50 करोड़ रुपए तक
के निवेश पर 20 प्रतिशत (अधिकतम 7.5
करोड़), 200 करोड़ रुपए तक के निवेश पर
15 प्रतिशत (अधिकतम 20 करोड़) और
500 करोड़ तक के निवेश पर 10 प्रतिशत
(अधिकतम 25 करोड़) की सब्सिडी दी
जाएगी। 500 करोड़ रुपए से अधिक के निवेश
पर भी 10 प्रतिशत सब्सिडी (अधिकतम
40 करोड़) का प्रावधान है। इसके अलावा
पर्यटन इकाइयों को 100 प्रतिशत स्टांप शुल्क
में छूट और भूमि परिवर्तन व विकास शुल्क में
भी पूरी राहत दी जाएगी।
अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति
एवं धर्मार्थ कार्य अमृत अभिजात ने कहा
कि एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देने की यह
पहल प्रदेश को पारंपरिक पर्यटन से आगे
ले जाकर अनुभव आधारित पर्यटन गंतव्य
के रूप में स्थापित करेगी। उन्होंने कहा कि
भूमि, जल और वायु आधारित गतिविधियों
के जरिए प्रदेश की प्राकृतिक विविधता का
बेहतर उपयोग होगा और निजी निवेश को भी
प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे पर्यटन ढांचे को
मजबूती मिलेगी ।