दिल्ली में हुई
इंडिया ब्लॉक की मैराथन बैठक के बाद
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे
ने भाजपा सरकार के खिलाफ बड़ा
राजनीतिक संदेश दिया। बैठक के बाद
खरगे ने कहा कि विपक्षी दल अब और
मजबूती से लड़ाई लड़ेंगे और जनता के
मुद्दों को लगातार उठाएंगे।
उन्होंने कहा
कि गठबंधन पांच बड़े मुद्दों पर एकमत
हुआ है और आनेवाले समय में सरकार
को संसद से लेकर सड़क तक घेरने की
तैयारी की जाएगी। खरगे ने साफ कहा
कि हम लड़ेंगे और आगे बढ़ेंगे। बैठक में
करीब 25 विपक्षी दलों नेहिस्सा लिया।
बैठक के बाद खरगे ने नीट पेपर लीक
मामले को युवाओं के भविष्य के साथ
धोखा बताया। उन्होंने कहा कि परीक्षा
प्रणाली में लगातार हो रही गड़बड़ियां
लाखों छात्रों की मेहनत और उम्मीदों
को बर्बाद कर रही हैं। इसी मुद्दे को लेकर
इंडिया ब्लॉक ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र
प्रधान के इस्तीफे की मांग की है। खरगे
ने आरोप लगाया कि सरकार परीक्षा
व्यवस्था संभालने में पूरी तरह विफल
रही है।
उन्होंने कहा कि गठबंधन मॉनसून
सत्र में भी इस मुद्दे को जोरदार तरीके से
उठाएगा और छात्रों के साथ न्याय की
मांग करेगा। खरगे ने कहा कि बैठक में
आर्थिक स्थिति, महंगाई और बेरोजगारी
को लेकर भी विस्तार सेचर्चा हुई। उन्होंने
आरोप लगाया कि देश में आम लोगों की
जिंदगी मुश्किल होती जा रही है, लेकिन
सरकार इन मुद्दों पर गंभीर नहीं दिख रही।
विपक्ष का कहना है कि बढ़ती कीमतों और
बेरोजगारी ने युवाओं और मध्यम वर्ग को
सबसे ज्यादा प्रभावित किया है। INDIA
ब्लॉक ने तय किया है कि आनेवाले
महीनों में इन मुद्दों पर संयुक्त अभियान
चलाया जाएगा।
विपक्षी दलों का मानना
है कि यही मुद्दे आनेवालेचुनावों में
निर्णायक साबित हो सकते हैं।
विदेश नीति और वोटर अधिकारों पर
भी उठे सवाल
बैठक में खरगे ने केंद्र सरकार की
विदेश नीति पर भी सवाल खड़े किए।
उन्होंन कहा े कि भारत की पारंपरिक विदेश
नीति कमजोर हुई है और अंतरराष्ट्रीय
स्तर पर देश की स्थिति प्रभावित हुई है।
इसके अलावा उन्होंने एसआईआर
प्रक्रिया का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया
कि करोड़ों लोगों को मतदान अधिकारों
सेवंचित किया जा रहा है। विपक्ष ने कहा
कि लोकतंत्र को मजबूत रखने के लिए
चुनावी प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष होना
जरूरी है।