तेल कंपनियों ने सोमवार को पेट्रोल
₹2.61 प्रति लीटर और डीजल ₹2.71 प्रति लीटर महंगा कर दिया है।
इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में अब एक लीटर पेट्रोल की कीमत
₹102.12 और डीजल की कीमत ₹95.20 हो गई है। पेट्रोल-डीजल
के दाम बढ़ने से ट्रक और टेम्पो का किराया बढ़ जाएगा, जिससे
दूसरे राज्यों से आने वाली सब्जियां, फल और राशन महंगे हो
जाएंगे। ट्रैक्टर और पंपिंग सेट चलाने के लिए किसानों को ज्यादा
खर्च करना होगा, जिससे अनाज की लागत बढ़ेगी।
सार्वजनिक
परिवहन और स्कूल बसों के किराए में भी इजाफा देखने को मिल
सकता है। देशमें सबसे ज्यादा पेट्रोल की खपत उत्तर प्रदेशमें होती
है। यहां वित्त वर्ष 2025-26 में कुल 5157.8 हजार मीट्रिक टन
पेट्रोल की खपत हुई। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की
संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि इस बढ़ोतरी के बाद
सरकारी तेल कंपनियों का घाटा कम हो गया है।
अब यह घाटा
घटकर करीब 600 करोड़ रुपए प्रतिदिन रह गया है। 15 मई से शुरू
हुए कीमतों में बदलाव से पहले पेट्रोल, डीजल और घरेलू रसोई
गैस (एलपीजी) बेचने पर कंपनियों को रोजाना लगभग 1,000
करोड़ रुपए का घाटा हो रहा था