राजकरण

टूटने की कगार पर ममता की टीएमसी

पार्टी सांसद काकोली घोष का बड़ा दावा : करीब 20 सांसदों के साथ NDA को समर्थन देने के लिए ओम बिरला को भेजा पत

 तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर घिरा राजनीतिक संकट अब और गहराता जा रहा है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद 58 विधायकों की बगावत से जूझ रही टीएमसी को अब संसद में भी बड़ा झटका लगा है। तृणमूल कांग्रेस में टूट की अटकलों पर सोमवार को पार्टी की लोकसभा सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने मुहर लगा दी है।

सांसद काकोली घोष ने कहा है कि मरे साथ टीएमसी के करीब 20 े सांसदों ने भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए को समर्थन देने का फैसला किया है। न्यूज एजेंसी पीटीआई से काकोली घोष ने कहा कि 20 टीएमसी सांसदों के हस्ताक्षर वाला पत्र लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को भेजकर एनडीए के साथ गठबंधन करने की इच्छा जताई गई है।

वरिष्ठ पार्टी सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने दावा किया कि लगभग 20 टीएमसी सांसदों ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के समर्थन के लिए लोकसभा अध्यक्ष को अपनी स्थिति से अवगत करा दिया है। टीएमसी के वर्तमान में 28 लोकसभा सांसद और 12 राज्यसभा सांसद हैं।

यह दावा करते हुए कि वह लोकसभा में पार्टी की मुख्य सचेतक बनी हुई हैं, दस्तीदार ने कहा कि यह फैसला साथी सांसदों के साथ विचार-विमर्श के बाद लिया गया है। यह घटनाक्रम ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी के भीतर बढ़ते आंतरिक संकट के बीच आया है, जिसने हाल के दिनों में वरिष्ठ नेताओं के खुलेविरोध और इस्तीफों को देखा है।

घोष दस्तीदार ने कहा कि समूह ने राजनीतिक रूप से एनडीए के साथ खुद को जोड़ने का फैसला किया है, यह तर्क देते हुए कि यह जनमत को दर्शाता है। उन्होंने कहा, “हमने जनता के फैसले को स्वीकार कर लिया है और मानते हैं कि हमारे भविष्य के राजनीतिक मार्ग को एनडीए के हिसाब से होना चाहिए।” टीएमसी नेतृत्व ने अभी तक इन दावों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। ममता बनर्जी और टीएमसी के लिए क्यों बड़ा झटका? इंडिया ब्लॉक की बैठक के लिए टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी रविवार को ही दिल्ली पहुंच गई थीं।

दावा किया जा रहा था कि इस दौरान ममता बनर्जी पार्टी सांसदों के साथ बैठक कर सकती हैं। हालांकि, काकोली घोष दस्तीदार के दावे न टीएमसी को बुरी तरह स े ेहिला दिया है। पश्चिम बंगाल में पहले ही करीब 58 विधायकों ने पार्टी से अलग होकर ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है।

वहीं, अब दिल्ली में ममता बनर्जी की मौजदूगी के बीच टीएमसी सांसदों का एनडीए को समर्थन देने का एलान पार्टी पर दीदी की कमजोर होती पकड़ को दिखा रहा है। टीएमसी के राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रॉय का भी इस्तीफा राज्यसभा सांसद और टीएमसी नेता सुखेंदु शेखर रॉय ने सोमवार को राज्यसभा सांसद के पद से इस्तीफा देने के साथ ही पार्टी की प्राथमिक सदस्यता छोड़ने का एलान कर दिया। पूर्व टीएमसी सांसद सुखेंदु शेखर रॉय ने सोमवार को आरजी कर मामले को लेकर टीएमसी की आलोचना करत हुए कहा े कि राज्य नतृत े ्व जमीनी हकीकतों से कट गया है।

अपने पद से इस्तीफा देने के बाद रॉय ने कहा, “सत्ता उनके सिर पर इस हद तक चढ़ गई थी कि उन्हें लगता था कि दुनिया में कोई भी उन्हें छू नहीं सकता।”