पश्चिम एशिया में
जारी संघर्ष को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
ने मंगलवार को राज्यसभा में कहा कि मैं
राज्य सरकारों से अनुरोध करना चाहता
हूं कि संकट चाहे कितना बड़ा हो, देश की
ग्रोथ को बनाए रखना हम सभी का दायित्व
है। इसके लिए हमें हर जरूरी कदम, हर
जरूरी रिफॉर्मतेजी से करते रहने होंगे। ये
राज्य सरकारों के पास बहुत बड़ा अवसर
है। ये टीम इंडिया की भी बहुत बड़ी परीक्षा
है। पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना काल
में केंद्र और राज्यों ने टीम इंडिया बनकर
कोविड मैनेजमेंट का एक बेहतरीन मॉडल
सामने रखा था। अलग-अलग राजनीतिक
दलों की सरकारें होने के बावजूद टेस्टिंग
और वैक्सीनेशन से लेकर जरूरी चीजों
की आपूर्तिटीम इंडिया के प्रयासों से ही
सुनिश्चित हो पाई थी। हमें उसी भावना के
साथ आगे भी काम करना है। सभी राज्य
सरकारों और केंद्र सरकार के प्रयाससे देश
इस गंभीर वैश्विक संकट का प्रभावी रूप से
सामना कर पाएगा। ये संकट अलग प्रकार
का है और इसके समाधान भी अलग प्रकार
से ही तय किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि
हमें धैर्य और संयम के साथ शांत मन से हर
चुनौती का मुकाबला करना है। हम देख रहे
हैं कि इस युद्ध को लेकर पल-पल हालात
बदल रहे हैं, इसलिए मैं देशवासियों से भी
कहूंगा कि हमें हर चुनौती के लिए तैयार
रहना ही होगा। इस युद्ध का गंभीर दुष्प्रभाव
लंबे समय तक रहने की प्रबल आशंका है।
मैं देशवासियों को भरोसा दतेा हूं किसरकार
सतर्क है, तत्पर है, पूरी गंभीरता से रणनीति
बना रही है और हर निर्णय ले रही है। देश की
जनता का हित हमारे लिए सर्वोपरि है। यही
हमारी पहचान है, यही हमारी ताकत है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आने वाले
समय में ये संकट हमारे देश की बड़ी परीक्षा
लेने वाला है। इस परीक्षा में सफलता के
लिए राज्यों का सहयोग बहुत आवश्यक है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमारी
सरकार की कोशिश है कि ईंधन के किसी
एक ही स्रोत पर ज्यादा निर्भरता न रहे।
सरकार घरेलू गैस सप्लाई में एलपीजी के
अलावा पीएनजी पर भी बल दे रही है।
बीते दशक में देश में पीएनजी कनेक्शन पर
अभूतपूर्व काम हुआ है।
बीते दिनों में इस काम को और तेज
किया गया है। साथ ही एलपीजी के घरेलू
उत्पादन को भी बड़े पैमाने पर बढ़ाने का
प्रयास किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने
कहा कि बीते वर्षों में सरकार का निरंतर
प्रयास रहा है कि हर सेक्टर में दूसरे देशों पर
निर्भरता कम से कम हो।