राजकरण

योगी सरकार अगले तीन साल में तैयार करेगी 57 हजार बीमा सखी

योगी सरकार 3 साल में 57 हजार ‘बीमा सखी’ तैयार कर महिलाओं को रोजगार और बीमा जागरूकता बढ़ाने पर जोर दे रही है।

 योगी सरकार ने पिछले नौ वर्षों में प्रदेश की महिलाओं को सशक्त करने की दिशा में अनेक बड़े कदम उठाए हैं। उन्हें आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाने के लिए विभिन्न योजनाओं को लागू किया गया है। इसी क्रम में एलआईसी बीमा सखी योजना के जरिये अधिक से अधिक ग्रामीण महिलाओं को जोड़ने के लिए बड़ा निर्णय लिया है। योगी सरकार ने अगले तीन वर्षों में प्रदेश की सभी 57 हजार ग्राम पंचायतों में एलआईसी बीमा सखी को नियुक्त करने का निर्णय लिया है। इसके लिए उन्हें ट्रेनिगं के साथ स्टाइपेंड और पॉलिसी कराने पर कमीशन दिया जाएगा। इससे जहां प्रदेश की आधी आबादी आत्मनिर्भर होगी, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी संबल मिलेगा। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की डायरेक्टर दीपा रंजन ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त करने के लिए एलआईसी बीमा सखी योजना चलाई जा रही है।

इसके लिए भारतीय जीवन बीमा निगम और दीनदयाल अंत्योदय योजना राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के बीच त्रिपक्षीय समझौता किया गया। इसके तहत स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को प्रशिक्षित कर “बीमा सखी” के रूप में नियुक्त किया जा रहा है, जो ग्राम पंचायत स्तर पर बीमा उत्पादों का प्रचार-प्रसार, बिक्री और सेवा प्रदान कर रही हैं। उन्होंने बताया कि योगी सरकार ने अगले तीन वर्षों में 57 हजार ग्राम पंचायतों में एक-एक एलआईसी बीमा सखी तैयार करने का निर्णय लिया है, जिसे चरणबद्ध तरीके से धरातल पर उतारा जाएगा। योजना का उद्देश्य न केवल ग्रामीण महिलाओं को रोजगार से जोड़ना है, बल्कि गांव-गांव तक बीमा सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना भी है। डायरेक्टर दीपा रंजन ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025–26 के लिए यूपीएसआरएलएम ने 5,000 बीमा सखियों की नियुक्ति का लक्ष्य तय किया है। ऐसे में अब तक प्रदेश के 75 में से 65 जिलों से 3,397 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। इनमें से 672 महिलाओं ने 25 घंटे का भर्ती- पूर्व प्रशिक्षण (आईसी-38) सफलतापूर्वक पूरा किया है। इसके अलावा 469 अभ्यर्थियों ने एनएसईटी के माध्यम से आयोजित आईआरडीएआई लाइसेंसिंग परीक्षा पास कर ली है और उन्हें आधिकारिक रूप से बीमा सखी नियुक्त किया जा चुका है।