पश्चिम एशिया में बढ़ते
संघर्षों के कारण हफ्ते के पहले कारोबारी
दिन सोमवार को भारतीय शेयर बाजार
एक बार फिर बड़ी गिरावट के साथ बंद
हुआ। अमेरिका-ईरान संघर्ष के तेज
होने से घरेलू बाजार के प्रमुख बेंचमार्क
निफ्टी50 और सेंसेक्स में 2 प्रतिशत से
ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। इससे
पहले बीते 19 मार्च को भी बाजार में
बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी। बाजार बंद
होने के समय 30 शेयरों वाला बीएसई
सेंसेक्स 2.46 प्रतिशत या 1,836.57
अंक गिरकर 72,696.39 पर था, तो
वहीं एनएसई निफ्टी 2.60 प्रतिशत यानी
601.85 अंकों की गिरावट के साथ
22,512.65 पर था। अमेरिकी-ईरान
युद्ध के चौथे सप्ताह में प्रवेश करने के
कारण महंगाई की आशंका ने वैश्विक
बाजारों को हिलाकर रख दिया, जिसके
चलते सोमवार को भारतीय शेयर बाजार
में भारी बिकवाली देखने को मिली और
बाजार लगभग 2.5 प्रतिशत गिर गया।
इंट्रा-डे कारोबार में सेंसेक्स
73,732.58 पर खुलकर एक समय
1974.5 अंक यानी 2.64 प्रतिशत
गिरकर 72,558.44 के दिन के निचले
स्तर पर पहुंच गया, तो वहीं निफ्टी50
22,824.35 पर खुलकर एक समय
643 अंक या 2.75 प्रतिशत गिरकर
22,471.25 पर आ गया।
निफ्टी इंडिया अस्थिरता सूचकांक
(इंडिया वीआईएक्स) सोमवार के सत्र में
19.11 प्रतिशत बढ़कर 27.17 पर पहुंच
गया है। यह कारोबार के अंत में 17.17
प्रतिशत की बढ़त के साथ 26.73 पर बंद
हुआ।
व्यापक बाजारों में बेंचमार्क
सूचकांकों से ज्यादा गिरावट दर्ज की गई।
निफ्टी मिडकैप में जहां 3.90 प्रतिशत की
गिरावट आई, तो वहीं निफ्टी स्मॉलकैप
इंडेक्स में 3.94 प्रतिशत की गिरावट दर्ज
की गई।
सेक्टरवार देखें तो निफ्टी कंस्ट्रक्शन
ड्यूरेबल में 5 प्रतिशत से अधिक की
गिरावट आई और यह सबसे अधिक
नुकसान झेलने वाला सेक्टर बन गया।
निफ्टी रियल्टी (4.74 प्रतिशत की
गिरावट) और निफ्टी मेटल (4.97
प्रतिशत की गिरावट) सेक्टरों का प्रदर्शन
भी काफी खराब रहा।
इसके अलावा, निफ्टी बैंक में 3.72
प्रतिशत, निफ्टी ऑटो में 3.16 प्रतिशत,
निफ्टी एफएमसीजी में 2.49 प्रतिशत तो
निफ्टी आईटी में सबसे कम 0.18 प्रतिशत
की गिरावट दर्ज की गई। .
सेंसेक्स में आई इस गिरावट से
बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों के कुल
बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) में
करीब 14 लाख करोड़ रुपए की गिरावट
आई, जिससे यह पहले (शुक्रवार) के
428.76 लाख करोड़ रुपए से गिरकर
415.11 लाख करोड़ रुपए हो गया।
मार्केट एक्सपर्ट सुनील शाह ने
आईएएनएस से बातचीत में कहा कि नए
हफ्ते का पहला दिन निवेशकों के लिए
काफी खराब रहा और सेंसेक्स में 1,800
अंकों से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई।
उन्होंने इस गिरावट की वजह बताते
हुए कहा कि वीकेंड के दौरान जो
घटनाक्रम सामने आए और अमेरिका
के राष्ट्रपति की ओर से दिया गया बयान,
जिसमें कहा गया कि अगर 48 घंटे के
भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य नहीं खोला
गया तो ईरान को इसके गंभीर परिणाम
भुगतने होंगे, उससे बाजार में नकारात्मक
माहौल बना है।