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जॉर्डन में 22 हजार करोड़ का अमेरिकी THAAD डिफेंस-सिस्टम ईरानी हमले में ध्वस्त

बड़ा नुकसान : UAE, सऊदी, जॉर्डन में ईरान ने हमला, अमेरिका के पास ऐसे सिर्फ 7 सिस्टम

अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का शनिवार को आठवां दिन रहा। ईरान ने बीते एक हफ्ते में सऊदी अरब, UAE और जॉर्डन में तैनात अमेरिका के टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस (THAAD) सिस्टम को निशाना बनाया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इन हमलों में जॉर्डन के ‘मुवफ्फाक साल्टी एयर बेस’ पर लगे THAAD का रडार सिस्टम तबाह हो गया है। एक THAAD सिस्टम की कीमत ₹22 हजार करोड़ तक होती है, जबकि THAAD के रडार सिस्टम की कीमत 2700 करोड़ रुपए (300 मिलियन डॉलर) तक होती है। यह रडार THAAD सिस्टम का अहम हिस्सा होता है और दुश्मन की बैलिस्टिक मिसाइलों को पहचानने और ट्रैक करने का काम करता है। अमेरिका के पास सिर्फ 7-8 THAAD सिस्टम ही मौजूद हैं, इसलिए इसे बड़ा सैन्य नुकसान माना जा रहा है। ट्रम्प बोले- ईरान अब दबंग नहीं, बल्कि लूजर बन गया अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने चेतावनी देते हुए कहा कि आज ईरान को बहुत भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।

उन्होंने ट्रुथ सोशल पर कहा कि ईरान अब मिडिल ईस्ट का दबंग नहीं, बल्कि ‘लूजर’ बन गया है। यह हालात तब तक रह सकते हैं जब तक ईरान सरेंडर न कर दे या पूरी तरह कमजोर न हो जाए। ट्रम्प ने यह भी कहा कि ईरान मिडिल ईस्ट पर कंट्रोल करने की कोशिश कर रहा था, लेकिन अब पहली बार उसे अपने आसपास के देशों से हार का सामना करना पड़ा है। ईरानी अधिकारी बोले- हमारे राष्ट्रपति ने क्लियर मैसेज दिया ईरान के राष्ट्रपति के दफ्तर के एक अधिकारी ने कहा कि राष्ट्रपति का संदेश साफ है। उन्होंने कहा- अगर पड़ोसी देश अमेरिका के साथ मिलकर ईरान पर हमला नहीं करेंगे, तो ईरान भी उन पर हमला नहीं करेगा। ईरान किसी भी दबाव या धमकी के आगे नहीं झुकेगा। अगर अमेरिका के सैन्य ठिकानों से ईरान पर हमला हुआ, तो ईरान की सेना जोरदार जवाब देगी। ईरान का युद्धपोत भारत में रुका ईरान का एक युद्धपोत IRIS लावन भारत के कोच्चि बंदरगाह पर रुका हुआ है।

ANI ने सरकारी सूत्रों के हवाले से बताया कि ईरान ने 28 फरवरी को तकनीकी खराबी आने के बाद भारत से मदद मांगी थी। भारत ने 1 मार्च को जहाज को कोच्चि में डॉक करने की अनुमति दी और इसके बाद 4 मार्च को यह बंदरगाह पर पहुंच गया। जहाज के 183 क्रू मेंबर फिलहाल कोच्चि में भारतीय नौसेना की सुविधाओं में ठहरे हुए हैं। IRIS लावन हाल ही में भारत में आयोजित इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू (IFR) 2026 और मिलान 2026 नौसैनिक अभ्यास में शामिल हुआ था, जो 15 से 25 फरवरी के बीच आयोजित हुए थे। इससे पहले अमेरिका ने भारत से लौट रहे ईरानी युद्धपोत IRIS देना को श्रीलंका के पास हमला कर डुबा दिया था। हमले में 87 ईरानी नौसैनिक मारे गए। UAE पर आज 16 बैलिस्टिक मिसाइलें और 121 ड्रोन दागे गए UAE के अधिकारियों के मुताबिक आज देश पर 16 बैलिस्टिक मिसाइल और 121 ड्रोन दागे गए। इनमें से ज्यादातर मिसाइल और ड्रोन को रास्ते में ही मार गिराया गया। एक मिसाइल समुद्र में गिर गई, जबकि 2 ड्रोन UAE के अंदर गिरे। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक 221 बैलिस्टिक मिसाइल और 1305 ड्रोन UAE की ओर दागे गए हैं। इनमें से ज्यादातर को एयर डिफेंस सिस्टम ने नष्ट कर दिया। इन हमलों में 3 लोगों की मौत हुई, जो पाकिस्तान, नेपाल और बांग्लादेश के नागरिक थे। इसके अलावा 112 लोग घायल हुए, जिनमें कई देशों के नागरिक शामिल हैं।