महिला आरक्षण के मुद्दे पर
संसद में पेश हुए संशोधन विधेयक को लेकर यूपी
विधानमंडल के बुलाए गए एकदिवसीय विशेष सत्र
को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
ने अपने भाषण के प्रारंभ में ही सपा-कांग्रेस को
निशाने पर लिया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
ने सत्ता में आते ही महिलाओं के नाम जनधन खाते
खोले तो सपा के लोगों ने मजाक उड़ाते हुए कहा
कि कहां हैं 15 लाख रुपये।
जबकि इन्हीं अकाउंट
में कोविड के दौरान महिलाओं को शासन की ओर
से सहायता दी गई।
उत्तर प्रदेश विधानमंडल के विशेष सत्र में
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी
और कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए महिला
आरक्षण के मुद्दे पर “दोहरा रवैया” अपनाने का
आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि संसद में विरोध
और सदन में समरन क्थ ा दिखावा कर विपक्षजनता
को गुमराह कर रहा है, जिस पर “सपाइयों को देख
गिरगिट भी शरमा जाए।” विशेष सत्र के दौरान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 16 और
17 अप्रैल को लोकसभा में विपक्ष का रवैया महिला
विरोधी था और यह सदन भी उसके व्यवहार का
गवाह है।
महिलाओं को सम्मान देने के लिए उनकी सुरक्षा
के लिए देश भर में 12 करोड़ शौचालय बनाए गए
लेकिन सपा के लोग कभी भी महिलाओं के सम्मान
के प्रति कभी संवेदनशील नहीं रहे।
उन्होंने इसका
भी मजाक उड़ाया। ये शौचालय नारी की गरिमा के
प्रतीक थे। उन्होंने कहा कि अब जब महिलाओं के
आक्रोश का सामना करना पड़ रहा है तो उनके लिए
33 फीसदी आरक्षण की मांग कर रहे हैं। उन्होंने
सपा पर तंज कसते हुए कहा कि सपाइयों के इस
व्यवहार पर तो गिरगिट भी शरमाजाए। उन्होंने कहा
कि भाजपा सरकार में 10 करोड़ महिलाओं को गैस
सिलिंडर दिए।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में
स्टार्ट अप योजना शुरू की गई जिसमें महिलाओं
की बड़ी भागीदारी है। लखपति दीदी के माध्यम से
महिलाओं को आर्थिक स्वावलंबन देने में सहायता
की गई। कहा किजब इन लोगों को लगा कि यूपीए
से काम नहीं चलेगा तो इंडी गठबंधन बनाया। सपा-
कांग्रेस ने हमेशा ही महिलाओं के स्वावलंबन का
विरोध किया और इसमें बाधा बने। इन लोगों का
चेहरा बोलने का कुछ और दिखाने का कुछ और है
लेकिन पूरा देश और प्रदेश आप लोगों के कारनामों
को जानता है।
सपा के लोगों का आचरण स्टेट गेस्ट
हाउस कांड के दौरान सभी ने देखा तब भाजपा के
लोग आगे बढ़ेकि एक दलित की बेटी को सम्मान
मिले। उन्होंने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि
कांग्रेस की दुर्गति का कारण महिलाओं का श्राप है।
महिलाओं के श्राप के कारण कांग्रेस की दुर्गति हुई
और अब सपा भी उसी ओर अग्रसर है। शाहबानो
के मामले में सबने देखा। सपा-कांग्रेस का आचरण
मौलवियों के सामने घुटने टेककर नाक रगड़ने की
प्रवृत्ति है।
सीएम योगी बोले- अपने आचरण की माफी
मांगें सपा-कांग्रेस के लोग
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश
की कानून व्यवस्था में सुधार हुआ है। यही कारण
है कि वर्क फोर्स में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है
जिसका परिणाम हुआ है कि यूपी की अर्थव्यवस्था
में तीन गुना वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि अगर सपा
के लोग महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण
की मांग कर रहे हैं तो संसद में अपने आचरण की
भर्त्सना करें और अपने व्यवहार की निंदा करें और
माफी मांगें।
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए योगी ने कहा
कि पहले एलपीजी सिलेंडर के लिए महिलाओं
को संघर्ष करना पड़ता था, जबकि केंद्र सरकार ने
अब 10 करोड़ से अधिक महिलाओं को मुफ्त गैस
कनेक्शन उपलब्ध कराए हैं। उन्होंने जनधन खातों,
शौचालय निर्माण और महिला सशक्तिकरण
योजनाओं को सरकार की प्रमुख उपलब्धियां
बताया।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने संसद में महिला
आरक्षण विधेयक को लेकर विपक्ष के रुख की
निंदा करते हुए प्रस्ताव भी पेश किया। उन्होंने कहा
कि यदि सपा वास्तव में 33 प्रतिशत आरक्षण के
पक्ष में है, तो उसे संसद में अपने आचरण की निंदा
करनी चाहिए।
सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के
नेतृत्व में महिलाओं को गरिमा, सम्मानजनक
स्थान, स्वावलंबन और सशक्तीकरण मिल रहा है।
नीति-निर्रण में म धा हिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के
लिए भाजपा और एनडीए निरंतर आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने शाहबानो प्रकरण से लेकर अब तक
के इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि विपक्ष
हमेशा महिलाओं के आरक्षण के मार्ग में बाधक
बना रहा है।
वहीं, मुख्यमंत्री ने विधानमंडल दल के सभी
सदस्यों से अपील की कि वे चर्चा में सक्रिय रूप
से भाग लें। उन्होंने सपा और कांग्रेस के सदस्यों से
कहा कि अगर इनमें नैतिक साहस है तो चर्चा में
भाग लें और स्पष्ट बताएं कि उन्होंने नारी शक्ति
वंदन संशोधन विधेयक का विरोधक्यों किया? इस
विरोध के पीछे उनकी मंशा क्या थी?