फारस की खाड़ी और होर्मुज को लेकर ईरान
और अमेरिका के बीच तनातनी एक बार फिर बहुत ज्यादा बढ़ गई
है। ‘फारस की खाड़ी राष्ट्रीय दिवस’ के मौके पर ईरान के राष्ट्रपति
मसूद पेजेशकियन ने अमेरिका और इस्राइल को बहुत ही कड़ी
चेतावनी दी है। उन्होंने साफ शब्दों में कह दिया है कि ईरान किसी
भी विदेशी दबाव, समुद्री नाकाबंदी या धमकियों के आगे झुकने
वाला देश नहीं है और वह डटकर इसका सामना करेगा।
राष्ट्रपति पेजेशकियन ने अपने बयान में कहा है कि फारस
की खाड़ी कोई ऐसा अखाड़ा नहीं है जहां विदेशी ताकतें आकर
अपनी मर्जीथोप सकें।
उन्होंने मौजूदा अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप के
प्रशासन पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि ईरान के खिलाफ
समुद्री पाबंदियां लगाना अंतरराष्ट्रीय नियमों का खुला उल्लंघन
है। उन्होंने सख्त चेतावनी दी कि अगर फारस की खाड़ी में कोई
भी अशांति या खतरा पैदा होता है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी सिर्फ
और सिर्फ अमेरिका और जायोनी शासन (इस्राइल) की होगी।
मसूद पेजेशकियन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा
है कि फारस की खाड़ी विदेशी मर्जी थोपने की कोई जगह नहीं है।
होर्मुज ईरान की राष्ट्रीय संप्रभुता (आजादी) और क्षेत्रीय सुरक्षा
का सबसे बड़ा प्रतीक है। ईरान फारस की खाड़ी और होर्मुज की
सुरक्षा का असली रक्षक है। ईरान पर समुद्री नाकाबंदी लगाने या
पाबंदी लगाने की कोई भी कोशिश पूरी तरह से फेल हो जाएगी।
उन्होंने 26 अप्रैल को ही साफ कर दियाथा कि दबाव, धमकी और
घेराबंदी के माहौल में ईरान कभी कोई बातचीत नहीं करेगा।