पश्चिम बंगाल में पीपुल्स पल्स ने TMC
को 177 से 187 सीटें मिलने का अनुमान
जताया है। भाजपा को 95 से 110 सीटें
मिलने की बात कही है। इधर, मैट्रिज के
एग्जिट पोल में भाजपा को 146 से 161
सीटें मिलने की बात कही है। TMC को
125 से 140 सीटें मिलने का अनुमान है।
बंगाल में प्रजा पोल में भाजपा को 177
सीटें मिलने का अनुमान है, टीएमसी को
100 सीटें मिल सकती हैं।
एक्सिस माइ इंडिया के एग्जिट पोल
में असम में फिर भाजपा सरकार बनती
दिख रही है। इसमें NDA को 88 से 100,
जबकि कांग्रेस को 24 से 36 सीटें मिलने
का अनुमान है। वोट वाइब ने केरल में कांटे
की टक्कर दिखाई है। यहां UDF को 70 से
80 सीटें, जबकि सत्तापर काबिज LDF
को 58 से 68 सीटें दी गई है।
तमिलनाडु में
सत्ताधारी डीएमके गठबंधन एक बार फिर
122 से 132 सीटें (40.3% वोट शेयर)
हासिल कर बढ़त बनाए हुए।
एआईएडीएमके गठबंधन को 87 से
100 सीटों (37.1% वोट शेयर) के साथ
दूसरे स्थान पर रहने की उम्मीद।
इसके अलावा, टीवीके (TVK) को
10 से 12 सीटें (17.5% वोट) मिलने
का अनुमान है। अन्य के खाते में 0 से 6
सीटें (5.1% वोट) आ सकती हैं।
वहीं पश्चिम बंगाल में विधानसभा
चुनाव के दूसरे चरण के दौरान मतदाताओं
में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।
चुनाव आयोग द्वारा बुधवार को शाम 5
बजे तक जारी आंकड़ों के अनुसार, राज्य
में लगभग 89.99 प्रतिशत मतदान दर्ज
किया गया, जो लोकतांत्रिक भागीदारी
का एक मजबूत संकेत माना जा रहा है।
दिन भर मतदान केंद्रोंपर मतदाताओं की
लंबी कतारें देखने को मिलीं और लोगों ने
बढ़-चढ़कर अपने मताधिकार का प्रयोग
किया। मतदान के आंकड़ों पर नजर डालें
तो सुबह के मुकाबले दोपहर बाद मतदान
में तेजी आई। दोपहर 1 बजे तक पहले छह
घंटों में 61.11 प्रतिशत मतदान दर्जकिया
गया था, जो तीन बजे तक बढ़कर 78.68
प्रतिशत पहुंच गया। इसके बाद अंतिम
घंटों में भी मतदाताओं की सक्रियता बनी
रही, जिससे कुल मतदान प्रतिशत लगभग
90 फीसदी के करीब पहुंच गया।
जिलेवार आंकड़ों में कई क्षेत्रों ने
90 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज कर
उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। पूर्व बर्धमान
में सबसे अधिक 92.46 प्रतिशत मतदान
हुआ।
इसके अलावा हुगली में 90.34
प्रतिशत और नादिया में 90.28 प्रतिशत
मतदान दर्ज किया गया। अन्य जिलों
में भी मतदाताओं की भागीदारी काफी
प्रभावशाली रही। हावड़ा में 89.44
प्रतिशत, उत्तर 24 परगना में 89.74
प्रतिशत और दक्षिण 24 परगना में 89.57
प्रतिशत मतदान हुआ। वहीं, शहरी क्षेत्रों में
भी संतोषजनक मतदान दर्जकिया गया,
जहां कोलकाता उत्तर में 87.77 प्रतिशत
मतदान हुआ।