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ईरान पर अमेिरका-इजराइल के हमले तेज

ईरान ने सऊदी अरब की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी पर हमला किया और कुवैत में तीन अमेरिकी एफ-15 विमानों को मार गिराया।

पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर है। अमेरिका और इस्राइल ने संयुक्त कारवाई ्र करते हुए ईरान पर हवाई हमले किए थे, जिनमें ईरान के कई शहर निशाने पर आए। आज फिर ईरान की राजधानी तेहरान के विभिन्न हिस्सों में लगातार जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं हैं। हालात लगातार बदल रहे हैं और क्षेत्र में संभावित बड़े संघर्ष का खतरा बढ़ गया है। नागरिकों की सुरक्षा को लेकर सतर्कता जारी है। ईरान के ड्रोन हमलों के बाद सऊदी अरामको ने अपनी रास तानूरा रिफाइनरी को बंद कर दिया। यह ईरान पर अमेरिका- इस्राइल के हमले के जवाब में तेहरान की ओर से शुरू किए गए हमलों के तीसरे दिन एक तीव्र वृद्धि का संकेत है। सोमवार को ड्रोन हमले में सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी सऊदी अरब की अरामको के स्वामित्व वाली रास तनुरा रिफाइनरी पर हमला होने के बाद वहां परिचालन रोक दिया गया।

सऊदी अरब के खाड़ी तट पर स्थित यह रिफाइनरी मध्य पूर्व की सबसे बड़ी रिफाइनरियों में से एक है, जिसकी क्षमता 550,000 बैरल प्रतिदिन (बीपीडी) है और यह सऊदी कच्चे तेल के लिए एक महत्वपूर्ण निर्यात टर्मिनल के रूप में कार्य करती है। रास तानूरा रिफाइनरी तेल निर्यात का एक महत्वपूर्ण हिस्सा संभालता है। सससे आमतौर पर चीन, जापान और दक्षिण कोरिया सहित यूरोप और एशिया के प्रमुख बाजारों में तेल की खेप भेजी जाती है। साइप्रस सरकार के प्रवक्ता कॉन्स्टेंटिनोस लेटिम्बियोटिस ने बताया कि ब्रिटेन के अक्रोटिरी सैन्य अड् की डे ओर बढ़ रहे दो ड्रोन को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया गया।

सरकारी बयान के अनुसार दोपहर के आसपास बेस पर सायरन बजने के बाद सुरक्षा अलर्ट जारी किया गया था। राज्य मीडिया ने भी खतरे की पुष्टि की थी। अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और क्षेत्र में सैन्य सतर्कता बढ़ा दी गई है। कुवैत में ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के दौरान फ्डली फायर की रें घटना में अमेरिकी वायुसेना के तीन एफ-15ई स्ट्राइक ईगल लड़ाकू विमान गिर गए। जानकारी के अनुसार सक्रिय सैन्य कार्रवाई के बीच कुवैती एयर डिफेंस सिस्टम ने गलती से इन विमानों को निशाना बना लिया। उस समय ईरानी विमानों, बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन हमलों का खतरा बना हुआ था।

सभी छह एयरक्रू सुरक्षित बाहर निकल गए और उन्हें सुरक्षित बरामद कर लिया गया है। घटना के कारणों की जांच जारी है। ईरान का दावा- मिसाइल हमले में नेतन्याहू के दफ्तर को बनाया निशाना ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी आईआरजीसी ने दावा किया है कि उसके ताजा मिसाइल हमले में इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के दफ्तर और इस्राइली वायुसेना प्रमुख के ठिकाने को निशाना बनाया गया। ईरानी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार यह हमला अचानक किया गया। आईआरजीसी ने यह भी दावा किया कि हमले के बाद नेतन्याहू की स्थितिस्पष्ट नहीं है। हालांकि इस्राइल की ओर से इस दावे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

वहीं, इस्राइल ने इस हमले को खारिज किया है। ब्रिटेन की विदेश मंत्री कोपर ने बताया कि साइप्रस में स्थित यूके के सैन्य अड्डे पर एक ड्रोन ने हमला किया और रनवे को निशाना बनाया। कोपर ने एक न्यूज से बातचीत में कहा यह एक बिना पायलट के ड्रोन हमला है, जो विशेष रूप से हवाई अड्डे की रनवे पर लक्षित किया गया। फिलहाल हम और जानकारी साझा नहीं कर सकते, लेकिन अड् के आसपास डे सभी सावधानीपूर्वक उपाय किए जा रहे हैं। इराक की राजधानी बगदाद के दक्षिण में स्थित जुर्फ अल-सखर इलाके में ईरान समर्थित अर्धसैनिक संगठन कताइब हिजबुल्ला के ठिकानों पर अमेरिका और इस्राइल की ओर से संयुक्त मिसाइल हमला किए जाने की खबर है। सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक, हमले में कई ठिकानों, वाहनों और गोदामों को गंभीर क्षति पहुंची है तथा कुछ स्थानों पर आग लगने की सूचना है। हालांकि, अब तक किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई है।