राजकरण

अनिल अंबानी का 3716 करोड़ जापानी कंप रुपये का मुंबई स्थित घर एबोड कुर

3716 करोड़ रुपये से जुड़े मामले में अनिल अंबानी का मुंबई स्थित ‘एबोड’ नामक आवासीय घर कानूनी कार्रवाई के तहत कुर्क कर दिया गया है। अधिकारियों द्वारा की गई इस कार्रवाई से मामला फिर चर्चा में आ गया है।

भारतीय कॉर्पोरेट जगत से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एंटी- मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत सख्त कदम उठाते हुए जाने-माने उद्योगपति अनिल अंबानी की संपत्ति पर बड़ी कारवाई की है। ्र सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, केंद्रीय जांच एजेंसी (ईडी) ने अनिल अंबानी के मुंबई स्थित आलीशान घर को कुर्क कर लिया है। ईडी द्वारा कुर्क किए गए अनिल अंबानी के इस घर का नाम ‘एबोड’ है, जो मुंबई में स्थित है। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, इस बहुमूल्य संपत्ति की कुल कीमत लगभग 3,716 करोड़ रुपये आंकी गई है।

यह बड़ी कुर्की मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम के सख्त प्रावधानों के तहत की गई है। यह वित्तीय जब्ती स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि जांच एजेंसियां वित्तीय अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों में कड़ा रुख अपना रही हैं। 3,716 करोड़ रुपये के इस हाई-प्रोफाइल आवास ‘एबोड’ की कुर्की से इस मामले में आगे और भी सख्त कानूनी कदम उठाए जाने के संकेत मिलते हैं। ईडी की यह बड़ी कार्रवाई अनिल अंबानी की समूह कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस से जुड़े एक कथित बैंक धोखाधड़ी मामले की जांच का सीधा परिणाम है।

इस नवीनतम आदेश के साथ ही, इस हाई-प्रोफाइल बैंक धोखाधड़ी मामले में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा कुर्क की गई संपत्तियों का कुल मूल्य अब लगभग 15,700 करोड़ रुपये के भारी-भरकम आंकड़े तक पहुंच गया है। इस मामले में 66 वर्षीय उद्योगपति अनिल अंबानी की मुश्किलें और बढ़ती नजर आ रही हैं।

सूत्रों के अनुसार, अंबानी को इस मामले में दूसरे दौर की पूछताछ के लिए जल्द ही संघीय जांच एजेंसी के समक्ष पेश होना है। इससे पहले, वे अगस्त 2025 में पहली बार ईडी के सामने पेश हुए थे, जहां पीएमएलए के तहत उनका आधिकारिक बयान दर्ज किया गया था। मुंबई के सबसे महंगे और चर्चित आवासों में से एक ‘एबोड’ का कुर्क होना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि वित्तीय धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में कोई भी रियायत नहीं दी जा रही है। 15,700 करोड़ रुपये की कुल जब्ती के साथ, यह मामला भारत के कॉर्पोरेट इतिहास के सबसे बड़े वित्तीय जांच अभियानों में से एक बन गया है।