सीबीएसई 10वीं में 93.70% बच्चे पास, 92.69 फीसदी छात्र तो 94.99 प्रतिशत छात्राएं सफल

सीबीएसई 10वीं रिजल्ट में छात्राओं का जलवा कायम

सीबीएसई ने 10वीं बोर्ड के नतीजे घोषित कर दिए हैं। सीबीएसई 10वीं बोर्ड परीक्षा में इस बार कुल 93.70% छात्र-छात्राएं उत्तीर्ण हुए हैं। परिणामों के अनुसार 92.69% लड़कों ने परीक्षा पास की, जबकि 94.99% लड़कियां सफल रहीं, जिससे एक बार फिर छात्राओं ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए लड़कों को पीछे छोड़ दिया है। स्कूलों के प्रदर्शन में इस बार भी केंद्रीय विद्यालयों (केवी) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 99.57% पास प्रतिशत के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया है। इसके बाद जवाहर नवोदय विद्यालय 99.42% और सेंट्रल तिब्बतन स्कूल 97.42% के साथ बेहतर परिणामों में शामिल रहे। वहीं निजी स्कूलों का पास प्रतिशत 93.77% और सरकारी स्कूलों का 91.43% रहा, जबकि सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों ने 91.01% परिणाम दर्जकिए।

दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में सीबीएसई 10वीं के परिणाम में दिल्ली वेस्ट ने 97.45% और दिल्ली ईस्ट ने 97.33% पास प्रतिशत के साथ शानदार प्रदर्शन किया। इसके अलावा गुरुग्राम का परिणाम 93.21% और नोएडा का 87.66% रहा। उत्तर भारत के अन्य प्रमुख रीजन में लखनऊ ने 91.63%, देहरादून ने 91.59%, प्रयागराज ने 89.45% और पंचकुला ने 92.24% पास प्रतिशत हासिल किया। सीबीएसई के मुताबिक, कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा में इस बार कुल 93.70% छात्र उत्तीर्ण हुए। इसी परीक्षा में 94.99% पास प्रतिशत के साथ लड़कियों ने एक बार फिर लड़कों से बेहतर प्रदर्शन किया और अपनी श्रेष्ठता साबित की। इसके अलावा, बोर्ड के अनुसार 22 लाख से अधिक छात्रों ने 90% से ज्यादा अंक हासिल किए, जबकि 55,000 से अधिक विद्यार्थियों ने 95% से ऊपर अंक प्राप्त किए।

वहीं, लगभग 14.7 लाख उम्मीदवारों को कंपार्टमेंट श्रेणी में रखा गया है, जिन्हें आगे सुधार का अवसर दिया जाएगा। सीबीएसई की ओर से जारी की जाने वाली ऑनलाइन मार्कशीट केवल प्रोविजनल होगी। छात्र इसे अस्थायी रूप से डाउनलोड कर सकते हैं, लेकिन इसे आधिकारिक दस्तावेज नहीं माना जाएगा। होर्मुज के संबंध में कई देशों के साथ संपर्क में नई दिल्ली (एजेंसी)। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच भारत सरकार ने बड़ा बयान दिया है। विदेश मंत्रालय और शिपिंग मंत्रालय ने साफ किया है कि भारतीय नागरिकों और जहाजों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। सरकार लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग देशों से तेल खरीद रहा है। उन्होंने बताया कि भारत 1.4 अरब लोगों की ऊर्जा सुरक्षा को ध्यान में रखकर फैसले ले रहा है। साथ ही होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे जहाजों को सुरक्षित निकालने के लिए कई देशों से बातचीत जारी है। सरकार ने बताया कि होर्मुज में मौजूद भारतीय जहाजों को सुरक्षित वापस लाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार के अनुसार महानिदेशालय शिपिंग के जरिए अब तक 2,337 भारतीय नाविकों को सुरक्षित वापस लाया जा चुका है। इनमें से 75 नाविकों की वापसी पिछले 24 घंटों में हुई है। यह दिखाता है कि सरकार तेजी से रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है।