प्रधानमंत्री नरेंद्र
मोदी ने गुरुवार को कहा कि भारतीय रेलवे
में बड़ा बदलाव आया है, और यह लगातार
सुधार और तकनीक के जरिए नए मानक
स्थापित कर रहा है। इस संदर्भ में उन्होंने
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा लिखे
गए एक लेख को साझा किया, जिसमें
बताया गया है कि पिछले एक दशक में
स्पष्ट नीति, आधुनिक तकनीक और
लगातार निवेश के जरिए भारतीय रेलवे
की सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा सुधार हुआ है।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया
प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, “भारतीय रेलवे
के पूरे सिस्टम में बड़ा बदलाव आया है
और इसके नतीजे साफ दिखाई दे रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया है
कि यह सेक्टर कैसे सुधार और तकनीक
के जरिए नए मानक तय कर रहा है।”
इसमें कहा गया कि करोड़ों यात्रियों के
लिए रेल यात्रा कोई विकल्प नहीं बल्कि
जरूरत है। इतने बड़े नेटवर्क में सुरक्षा
सिर्फतकनीकी मामला नहीं, बल्किलोगों
के भरोसे से जुड़ा मुद्दा है।
लेख में कहा गया कि प्रधानमंत्री
मोदी के पहले कार्यकाल के दौरान ही
‘सेफ्टी फर्स्ट’ यानी सुरक्षा को सर्वोपरि
रखने का स्पष्ट संदेश दिया गया था। इसी
दिशा में रेलवे ने तकनीक-आधारित और
लगातार निवेश वाली रणनीति अपनाकर
अपनी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया
है।
इसके परिणामस्वरूप देश में ट्रेन
हादसों की संख्या में बड़ी गिरावट आई
है। 2014-15 में जहां 135 रेल दुर्घटनाएं
हुई थीं, वहीं 2025-26 में यह घटकर
सिर्फ 16 रह गईं, यानी करीब 89 प्रतिशत
की कमी।
यह कमी ऐसे समय में आई है जब ट्रेन
संचालन और यात्रियों की संख्यालगातार
बढ़ रही है। इसी अवधि में ‘कंसिक्वेंशल
एक्सीडेंट इंडेक्स’ (प्रति किलोमीटर
दुर्घटना दर) भी 0.11 से घटकर 0.01
हो गया है, जो हर किलोमीटर यात्रा के
लिहाज से सिस्टम को पहले से कहीं
ज्यादा सुरक्षित दर्शाता है।
2014-15 में
रेल हादसों में 292 लोगों की जान गई थी,
जबकि 2025-26 में 16 दुर्घटनाओं में
16 लोगों की ही मौत हुई। रेलवे के महत्व
पर जोर देते हुए केंद्रीय मंत्री अश्विनी
वैष्णव ने लिखा, “हर सुबह जब भारत
जागता है, तब उसकी रेलें पहले से ही चल
रही होती हैं। ऑफिस जाने वाले, छात्र,
प्रवासी मजदूर, परिवार और सैनिक समेत
2 करोड़ से ज्यादा यात्री प्रतिदिन ट्रेनों में
सफर करते हैं।”