कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मंगलवार को चेन्नई में आयोजित एक ब्रीफिंग के दौरान भाजपा, विशेष रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। हालांकि इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे के बयान को लेकर विवाद खड़ा हो गया और उनके बयानों का विरोध शुरू हो गया है।
दरअसल, प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, “वे (अन्नाद्रमुक) पीएम मोदी के साथ कैसे जुड़ सकते हैं? वह एक आतंकवादी हैं और जो समानता में विश्वास नहीं करते। उनकी पार्टी समानता और न्याय में विश्वास नहीं करती। ऐसे लोगों के साथ जुड़ना लोकतंत्र को कमजोर करना है।”
कांग्रेस अध्यक्ष ने भाजपा की नीतियों पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि केंद्र सरकार समाज में असमानता बढ़ा रही है और संवैधानिक मूल्यों को कमजोर कर रही है। उन्होंने कहा कि डीएमके के साथ कांग्रेस का गठबंधन आगे भी मजबूती से जारी रहेगा।
उन्होंने भरोसा जताया कि यह गठबंधन राज्य में कल्याणकारी योजनाओं, समावेशी विकास, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। खड़गे ने विवादित बयान देते हुए आगे कहा कि प्रधानमंत्री होने के नाते उन्हें यह पता होना चाहिए कि क्या कहना है और क्या नहीं, खासकर चुनावों के दौरान, क्योंकि इसका चुनाव प्रक्रिया पर सीधा असर पड़ता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री विपक्षी दलों को बदनाम करने के लिए अपनी शक्ति और सरकारी तंत्र का दुरुपयोग कर रहे हैं। जब भी उन्हें मौका मिलता है, वे व्यक्तियों को निशाना बनाते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव आयोग को इस मामले का संज्ञान लेना चाहिए, लेकिन वह ऐसा करने में विफल रहा है। ऐसा प्रतीत होता है कि चुनाव आयोग उनके प्रभाव में है। यदि यह स्थिति जारी रही तो भारतीय लोकतंत्र कमजोर होगा और जनता को न्याय नहीं मिल पाएगा।