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महिला आरक्षण पर बसपा का स्टैंड साफ, संगठन मजबूती और 2027 चुनाव की तैयारी पर फोकस : मायावती

Mayawati ने Bahujan Samaj Party की रणनीति स्पष्ट करते हुए महिला आरक्षण पर समर्थन जताया, साथ ही 2027 चुनाव को लेकर संगठन को मजबूत करने पर दिया जोर।

बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने महिला आरक्षण जैसे मुद्दे पर अपना रुख़ स्पष्ट रखते हुए कार्यकर्ताओं को किसी भी तरह के भ्रम से बचने की सख्त हिदायत दी है। पार्टी नेतृत्व ने साफ किया है कि 15 अप्रैल 2026 को तय किया गया स्टैंड अब भी कायम है, जबकि साथ ही संगठन को मजबूत करने, जनाधार बढ़ाने और आगामी यूपी विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारी में पूरी ताकत झोंकने के निर्देश दिए गए हैं। बसपा मुखिया मायावती ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि उत्तर प्रदेश स्टेट के बीएसपी के सभी जिला अध्यक्ष एवं छोटे-बड़े पदाधिकारी व कार्यकर्तागण, आज मैं पार्टी के कार्यों से दिल्ली जा रही हूं और कार्य पूरा होते ही जल्दी वापस भी आ जाऊंगी।

इस दौरान पार्टी की पिछले महीने 31 मार्च को लखनऊ में हुई यूपी प्रदेश स्तरीय बड़ी बैठक में पार्टी संगठन को तैयार करने व कैडर आदि के जरिए पार्टी का जनाधार बढ़ाने एवं आर्थिक मजबूती देने तथा यूपी विधानसभा आम चुनाव की तैयारी से संबंधित जो भी जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए थे, उस पर पूरी ईमानदारी व निष्ठा से अमल करते रहना है। उन्होंने आगे लिखा कि बैठकों में यूपी में बीएसपी के नेतृत्व में रही सरकार में प्रदेश के विकास व जनहित आदि में किए गए कार्यों के बारे में जरूर बताना है। बैठकों में यह भी बताना है कि यूपी में अब तक जितने भी एक्सप्रेस-वे आदि बने हैं तथा नोएडा में एयरपोर्ट भी बना है, ऐसे अनेकों और भी जनहित के कार्यकिए गए हैं, जिनकी योजना व रुपरेखा बीएसपी की रही सरकार में ही बनाई गई थी, और ये सभी कार्य काफी हद तक जरूर पूरे हो जाते यदि उस समय केन्द्र की रही कांग्रेसी सरकार बीएसपी के प्रति अपनी जातिवादी मानसिकता के चलते इनमें रुकावटें पैदा नहीं करती।

बसपा प्रमुख ने कहा कि कहने का तात्पर्य यह है कि यूपी के समुचित विकास व सर्वसमाज की उन्नति/तरक्की व बेहतर कानून व्यवस्था के लिए ’कानून द्वारा कानून का राज’ के जरिये बीएसपी के ’सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ शासन में ही यह संभव हो सकता है, जिस पर भी ध्यान देने की अपील। उन्होंने कहा कि इतना ही नहीं बल्कि लखनऊ में 22 फरवरी की यूपी को छोड़कर आल-इंडिया की हुई बड़ी बैठक में पार्टी व मूवमेन्ट के हित में जो भीजरूरी दिशा- निर्देश दिए गए थे, तो उन्हें भी समय से जरूर पूरा करना है।