सैर सपाटा

आर्थिक गतिविधियों में तेजी के चलते पहलगाम और कश्मीर में पर्यटन ने फिर से पकड़ी रफ्तार

पर्यटकों की बढ़ती आवाजाही से Pahalgam समेत पूरे Kashmir में होटल, व्यापार और स्थानीय रोजगार को मिला नया संबल, रिपोर्ट में दिखी सकारात्मक तस्वीर।

 पहलगाम और पूरे कश्मीर घाटी में इस साल पर्यटन गतिविधियों में फिर से तेजी देखने को मिल रही है। अप्रैल 2025 में पाकिस्तानी आतंकवादियों के हमले में 26 पर्यटकों की मौत के बाद पर्यटन को बड़ा झटका लगा था, लेकिन अब फिर से हालात सुधरते दिख रहे हैं। घरेलू पर्यटकों की वापसी, खासकर महाराष्ट्र, गुजरात और दिल्ली जैसे राज्यों से आने वाले लोगों की संख्या बढ़ने से पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। डायरेक्टस में प्रकाशित एक लेख के अनुसार, होटलों और ट्रांसपोर्ट सेवाओं में बुकिंग बढ़ी है और स्थानीय बाजार भी धीरे-धीरे फिर से सक्रिय हो रहे हैं। लेख के अनुसार, पर्यटन में यह सुधार प्रशासन की तेज और समन्वित कार्रवाई का परिणाम है।

सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करके लोगों का भरोसा वापस लाने पर जोर दिया। इसके तहत प्रमुख पर्यटन स्थलों पर गश्त, निगरानी और सुरक्षा बढ़ाई गई। साथ ही, पर्यटन स्थलों को चरणबद्ध और सुनियोजित तरीके से फिर से खोला गया, ताकि सुरक्षा के साथ-साथ आर्थिक गतिविधियां भी शुरू हो सकें। पर्यटन सेक्टर को स्थिर करने में सरकारी सहयोग भी अहम रहा। सरकार ने घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई प्रचार अभियान चलाए। साथ ही, प्रशासन ने लॉजिस्टिक्स को आसान बनाने, कनेक्टिविटी सुधारने और जरूरी सेवाएं बनाए रखने पर ध्यान दिया, जिससे हालात जल्दी सामान्य हो सके। लेख में कहा गया है कि इस सुधार को इंफ्रास्ट्रक्चर में हो रहे निवेश से भी मजबूती मिल रही है। सड़क संपर्क, सार्वजनिक सुविधाएं और पर्यटन से जुड़ी सेवाओं में सुधार से यात्रा का अनुभव बेहतर हुआ है, जिससे लोगों के बीच सकारात्मक संदेश फैल रहा है।

साथ ही लेख में यह भी कहा गया है कि आगामी अमरनाथ यात्रा से इस रफ्तार को और मजबूती मिलने की उम्मीद है। इसे स्थिरता और बड़े स्तर पर पर्यटकों के भरोसे का संकेत माना जा रहा है। इस सुधार में स्थानीय लोगों और कारोबारियों की भूमिका भी अहम रही है। पर्यटन से जुड़े व्यवसायों ने फिर से काम शुरू किया, कीमतों में बदलाव किया और सेवाओं की गुणवत्ता बेहतर की। इससे जमीनी स्तर पर आर्थिक गतिविधियां दोबारा शुरू होने में मदद मिली। पर्यटकों की बढ़ती संख्या का असर अन्य क्षेत्रों पर भी पड़ा है। इससे हस्तशिल्प, स्थानीय खान-पान और परिवहन सेवाओं की मांग बढ़ी है, जिससे कई लोगों की आजीविका को सहारा मिला है। लेख में आगे कहा गया है कि यह दिखाता है कि पर्यटन इस क्षेत्र में समावेशी आर्थिक विकास का एक बड़ा माध्यम है।