उत्तर प्रदेश के
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार
को विकसित भारत–जी राम जी कानून,
2025 को लेकर आयोजित पत्रकार वार्ता
में कांग्रेस और इंडी गठबंधन पर करारा
हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिस
ऐतिहासिक सुधार का स्वागत होना चाहिए
था, उसी का विरोध कर विपक्ष अपने
पुराने भ्रष्टाचार मॉडल का खुला समर्थन
कर रहा है। यह विरोध विकास का नहीं,
बल्कि पोल खुलने के डर का परिणाम है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि
इस प्रेस वार्ता की आवश्यकता इसलिए
पड़ी, क्योंकि जिन लोगों ने वर्षों तक देश
के संसाधनों पर डकैती डाली, गरीबों को
भूखा रहने और नौजवानों को पलायन के
लिए मजबूर किया, वे आज सुधारों और
विकसित भारत की संकल्पना पर सवाल
खड़े कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि
अगर ऐसे लोग कानून का समर्थन करेंगे
तो उनकी असलियत सामने आ जाएगी,
इसलिए वे विरोध कर रहे हैं।
सीएम योगी
ने कहा कि कांग्रेस और इंडी गठबंधन इस
अधिनियम पर लगातार प्रश्न खड़े कर रहे
हैं, जबकियह ग्रामीण भारत, किसानों और
श्रमिकों के हित में उठाया गया बड़ा कदम
है। एनडीए सरकार का आभार जताने के
बजाय विपक्ष भ्रष्टाचार को प्रोत्साहित
करने वाली अपनी पुरानी परंपराओं का ही
समर्थन कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने विकसित भारत की
परिकल्पना को स्पष्ट करते हुए कहा कि
विकसित भारत का लक्ष्य तभी पूरा होगा,
जब राज्य विकसित होंगे और राज्य तभी
विकसित होंगे, जब गांव विकसित होंगे।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना,
श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा और सम्मान
देना इस अधिनियम का मूल उद्श्य है।
इ दे सी
लक्ष्य के साथ यह कानून लाया गया है और
वह इसका पूर्णसमर्थन करते हैं।
योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और उसके
सहयोगी दलों की विफलताओं का उल्लेख
करते हुए कहा कि उनके शासनकाल में
अधूरी और अस्थायी परिसंपत्तियां, फर्जी
हाजिरी, भुगतान में कटौती जैसी भ्रष्टाचार
की शिकायतें हर जनपद और हर ग्राम
पंचायत से सामने आती थीं। शिकायत
निवारण की कमजोर व्यवस्था, कमजोर
सोशल ऑडिट, प्रशासनिक अक्षमताएं
और मजदूरी में लगातार देरी आम बात थी।
उन्होंने कहा कि खोदने और भरने वाली
योजनाओं पर विराम लगने से स्वाभाविक
है कि जिनके हित प्रभावित हुए हैं, वे
चिल्ला रहे हैं।