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पीएम मोदी और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस की मुलाकात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस के बीच महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें भारत-यूएई संबंधों को और मजबूत बनाने पर चर्चा की गई। दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश, ऊर्जा, रक्षा और क्षेत्रीय सहयोग जैसे अहम मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। यह मुलाकात दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के बीच गुरुवार को द्विपक्षीय बैठक हुई। इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान हुई मुलाकात में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के क्षेत्र में आपसी सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा हुई। विदेश मंत्रालय (एमईए) ने कहा, “भारतयूएई के ऐतिहासिक रिश्तों को याद करते हुए, दोनों नेताओं ने आपसी सहयोग पर चर्चा की और अलग-अलग क्षेत्रों में हुई तरक्की पर खुशी जताई। उन्होंने एआई में सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर भी चर्चा की।” अबू धाबी के क्राउन प्रिंस, यूएई के राष्ट्रपति की ओर से पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में नई दिल्ली में एआई इम्पैक्ट समिट में शामिल हो रहे हैं। ग्लोबल साउथ में पहली बार हो रहे इस अहम इवेंट में कई राष्ट्राध्यक्ष, प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, वरिष्ठ अधिकारी, टेक एक्सपर्ट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेक्टर के खास फैसले लेने वाले लोग शामिल हो रहे हैं।

शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान एआई इम्पैक्ट समिट में शामिल होने के लिए बुधवार देर रात नई दिल्ली पहुंचे थे। केंद्रीय ग्रामीण विकास और संचार राज्य मंत्री चंद्रशेखर पेम्मासानी ने एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया। एमईए ने एक्स पोस्ट में लिखा, “एआई इम्पैक्ट समिट में अबू धाबी के क्राउन प्रिंस, शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान का भारत में स्वागत है। केंद्रीय संचार एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री चंद्रशेखर पेम्मासानी ने एयरपोर्ट पर पहुंच माननीय का स्वागत किया। भारत और यूएई एडवांस्ड टेक्नोलॉजी में भरोसेमंद पार्टनर हैं जो एक स्मार्ट और साझा भविष्य के लिए एआई को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।” पीएम मोदी ने गुरुवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 का उद्घाटन किया। लोगों को संबोधित करते हुए, पीएम मोदी ने कहा कि यह ग्लोबल साउथ के लिए गर्व का पल है कि एआई इम्पैक्ट समिट की मेजबानी भारत में की गई है, साथ ही उन्होंने तेजी से बदलते टेक्नोलॉजी के दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जिम्मेदार और नैतिक इस्तेमाल की तुरंत जरूरत पर जोर दिया