मदिराप्रेमियों की जेब पर नए
वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ बोझ
पड़ने वाला है। प्रदेश में एक अप्रैल से
नई आबकारी नीति 2026-27 लागू होने
के साथ अंग्रेजी, बीयर और देसी शराब
की कीमतों में वृद्धि होगी। अंग्रेजी शराब
के प्रति पव्वा पर दस से 20 रुपये तक
वृद्धि होगी। बीयर के केन पर दस रुपये
और बोतल पर 20 रुपये बढ़ेंगे। इसी के
साथ लाइसेंस फीस एवं मिनिमम गारंटिड
रेवन्यू में साढ़े सात फीसदी का इजाफा
किया है। इसका शराब की कीमतों पर
असर पड़ेगा।
जिला आबकारी अधिकारी प्रदीप
कुमार सिंह ने कहा कि देसी मदिरा में
श्रेणीवार चार से आठ फीसदी तक वृद्धि
होगी।
बीयर, अंग्रेजी शराब की लाइसेंस
फीस और गारेटिंड रेवन्यू में साढ़े सात
फीसदी की वृद्धि की है। देसी मदिरा की
श्रेणीवार कीमत में चार से आठ फीसदी
तक की वृद्धि होगी। बीयर प्रति पव्वा दस
रुपये, अंग्रेजी शराब प्रति पव्वा दस से
20 रुपये की वृद्धि होगी। अंग्रेजी शराब
की बोतल पर 80 रुपये तक, बीयर की
बोतल पर 20 रुपये, केन पर दस रुपये
बढ़ेंगे। होल सेल व्यापारियों के लिए
लाइसेंस फीस कम कर दो लाख रुपये
कर दी गई है। पहले यह फीस 25 लाख
से 40 लाख रुपये तक थी। अब कंपोजिट
दुकानों को मॉडल शॉप में तब्दील किया
जा सकेगा। बताया कि नई आबकारी
नीति में प्रावधान किया है कि कंपोजिट
दुकान पर शराब नहीं पिलवाई जा सकती।
जिला आबकारी अधिकारी प्रदीप कुमार
सिंह का कहना है किनई आबकारी नीति
लागू होने के साथ नए वित्तीय वर्ष में देशी,
अंग्रेजी शराब और बीयर महंगी होगी।
होलसेल की फीस को घटाया है, जो फीस
25 लाख से 40 लाख तक होती थी, उसे
अब दो लाख रुपये कर दिया है। लाइसेंस
फीस और गारेटिंड रेवन्यू में साढ़े सात
फीसदी की वृद्धि की गई है।