नई दिल्ली, 25 जनवरी 2025: भारत के 76वें गणतंत्र दिवस (Republic Day) के अवसर पर आज वीरता पुरस्कारों की घोषणा की गई। इस बार 942 जवानों को उनकी बहादुरी और उत्कृष्ट सेवाओं के लिए पदकों से सम्मानित किया जाएगा। इस ऐतिहासिक घोषणा ने देशभर में गर्व और उत्साह का माहौल पैदा कर दिया है।
वीरता पुरस्कारों का विवरण:
गणतंत्र दिवस के मौके पर घोषित किए गए पुरस्कारों में परमवीर चक्र, अशोक चक्र, और कीर्ति चक्र जैसे प्रमुख सम्मान शामिल हैं। इसके अलावा, सेना मेडल, विशिष्ट सेवा मेडल, और शौर्य चक्र भी दिए जाएंगे। इन पुरस्कारों के जरिए उन वीर जवानों को सम्मानित किया जाता है, जिन्होंने देश की रक्षा और सेवा में अपनी जान की परवाह किए बिना साहस का प्रदर्शन किया।
मुख्य पुरस्कार विजेता:
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परमवीर चक्र: इस वर्ष परमवीर चक्र से दो बहादुर जवानों को सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने दुश्मन के हमलों का डटकर सामना करते हुए अपने साथियों की जान बचाई।
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अशोक चक्र: तीन जवानों को अशोक चक्र से सम्मानित किया जाएगा। ये जवान आतंकवाद विरोधी ऑपरेशनों में अद्वितीय साहस दिखाने के लिए जाने गए।
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सेना मेडल: 550 से अधिक जवानों को सेना मेडल प्रदान किया जाएगा। इनमें कई अधिकारी और जवान शामिल हैं, जिन्होंने सीमा पर अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए अनुकरणीय साहस का प्रदर्शन किया।
पुरस्कारों का महत्व:
गणतंत्र दिवस पर वीरता पुरस्कारों की घोषणा भारतीय सैन्य बलों के योगदान और बलिदान को स्वीकार करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। इन पुरस्कारों का उद्देश्य सैनिकों के अद्वितीय योगदान को पहचान देना और उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना है।
रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, “यह हमारे जवानों के साहस और समर्पण का प्रमाण है। देश हमेशा उनके बलिदान का ऋणी रहेगा।”
विशेष समारोह की तैयारियां:
गणतंत्र दिवस पर पुरस्कार वितरण समारोह राजपथ (अब कर्तव्य पथ) पर आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री, और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहेंगे। इस दौरान विजेताओं को राष्ट्रपति द्वारा पदक प्रदान किए जाएंगे।
देशभर में उत्साह:
इस घोषणा के बाद देशभर में उत्साह का माहौल है। सोशल मीडिया पर लोगों ने विजेताओं को शुभकामनाएं और बधाई संदेश भेजे हैं। कई उपयोगकर्ताओं ने इन वीर जवानों के साहस और बलिदान की सराहना करते हुए कहा, “ये हमारे असली हीरो हैं।”
आंकड़ों में वीरता पुरस्कार:
भारत सरकार ने यह भी घोषणा की है कि वीरता पुरस्कारों से सम्मानित इन जवानों की कहानियों को देश के स्कूलों और कॉलेजों के पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा। इसके माध्यम से नई पीढ़ी को उनके संघर्ष और बलिदान से प्रेरणा मिलेगी।