आर्मी चीफ जनरल
उपेंद्र द्विवेदी ने मंगलवार को कहा कि ऑपरेशन
सिंदूर अभी भी जारी है। भविष्य में किसी भी
तरह के आतंकी या सैन्य दुस्साहस के लिए हम
पूरी तरह तैयार हैं। भारत पूरी ताकत से जवाब
देगा। जनरल द्विवेदी ने बताया कि बॉर्डर के पास
8 आतंकी कैंप अभी भी सक्रिय हैं।
अगर कोई
हरकत होती है तो एक्शन लिया जाएगा। उन्होंने
बताया कि ऑपरेशन सिंदूर, थलसेना, वायुसेना
और नौसेना के तालमेल का बेहतरीन उदाहरण
है। ऑपरेशन सिंदूर में 100 पाकिस्तानी सैनिक
मारे गए।
भारतीय थल सेना प्रमुख जनरल उपेन्द्र
द्विवेदी का कहना है कि ऑपरेशन सिंदूर के
तहत भारत की संतुलित, सटीक और दृढ़
प्रतिक्रिया ने सीमा-पार आतंकवाद के विरुद्ध
देश कीतयैारी, निर्णायक क्षमता और रणनीतिक
स्पष्टता को प्रदर्शित किया।
सेनाध्यक्ष ने कहा
कि ऑपरेशन सिंदूर अभी भी जारी है। उन्होंने
यह भी बताया कि देश के उत्तरी बॉर्डर पर
हालात स्थिर हैं, लेकिन इसके साथ ही निरंतर
सतर्कता बरती जा रही है। थल सेनाध्यक्ष ने
बताया कि उत्तरी मोर्चे पर स्थिति स्थिर है, किंतु
निरंतर सतर्कता आवश्यक बनी हुई है।
शीर्ष
स्तर की वार्ताओं, संपर्क की पुनर्बहाली और
विश्वास-निर्माण उपायों से स्थिति में क्रमिक
सामान्यीकरण हो रहा है। वहीं बांग्लादेश को
लेकर सेनाध्यक्ष ने कहा कि भारतीय सेना ने
बातचीत के लिए अलग-अलग चैनल खोल
रखे हैं। उन्होंने बताया कि स्वयं उनकी बात
भी होती रहती है।
थलसेना प्रमुख के अलावा
नेवी चीफ और एयर चीफ भी बात कर चुके हैं।
भारतीय सेना का डेलीगेशन भी वहां गया था।
यह इसलिए है ताकि कोई मिसकम्युनिकेशन न
हो। पहलगाम आतंकी हमले के बाद, उच्चतम
स्तर पर निर्णायक प्रतिक्रिया का स्पष्ट निर्णय
लिया गया। इसके परिणामस्वरूप ऑपरेशन
सिंदूर की परिकल्पना और क्रियान्वयन अत्यंत
सटीकता के साथ किया गया।
ऑपरेशन सिंदूर को लेकर उन्होंने कहा कि
7 मई 2025 को 22 मिनट की तीव्र कार्रवाई
तथा 10 मई तक चले 88 घंटे के समन्वित
अभियान के माध्यम से इस ऑपरेशन ने
रणनीतिक मान्यताओं को पुनर्परिभाषित किया।
आतंकवादी ढांचे पर गहरे प्रहार किए गए।