नीदरलैंड के शाही परिवार की सुरक्षा को लेकर एक बड़ा खतरा सामने आया है। देश की भावी महारानी मानी जा रहीं कैथरीना अमालिया और उनकी छोटी बहन प्रिंसेस एलेक्सिया को निशाना बनाकर कथित हमले की साजिश का खुलासा हुआ है। पुलिस ने इस मामले में एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया है, जिस पर नाजी विचारधारा से प्रभावित होने का संदेह जताया जा रहा है।
द हेग के लोक अभियोजक कार्यालय के अनुसार, आरोपी को फरवरी में गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के समय उसके पास से दो कुल्हाड़ियां बरामद हुईं, जिन पर ‘एलेक्सिया’, ‘मोसाद’ और नाजी काल का नारा ‘सीग हेल’ उकेरा हुआ था। इसके अलावा पुलिस को एक हस्तलिखित नोट भी मिला, जिसमें दोनों राजकुमारियों के नामों के साथ ‘ब्लडबाथ’ शब्द दर्ज था। अभियोजन पक्ष के मुताबिक, आरोपी को सोमवार को अदालत में पेश किया जाएगा।
यह पहली बार नहीं है जब कैथरीना अमालिया को सुरक्षा कारणों से कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा हो। वर्ष 2022 में भी अपहरण की आशंका के चलते उन्हें एम्स्टर्डम में अपना छात्रावास छोड़ना पड़ा था। उस समय संगठित अपराध गिरोहों से खतरे की बात सामने आई थी, जिसमें कुख्यात अपराधी रिदुआन तागी के नेटवर्क का नाम जुड़ा था। बाद में सुरक्षा कारणों से उन्होंने कुछ समय के लिए मैड्रिड में रहकर अपनी पढ़ाई जारी रखी।
अमालिया ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है कि लगातार सुरक्षा पाबंदियों के कारण उनका सामान्य छात्र जीवन प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा था कि उन्हें आम लोगों की तरह बाहर घूमना-फिरना और सामान्य जीवन जीना याद आता है। वहीं उनकी मां, रानी मैक्सिमा ने भी माना है कि इन खतरों का उनकी बेटी की निजी जिंदगी पर गहरा असर पड़ा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना यूरोप में बढ़ते चरमपंथ और सुरक्षा जोखिमों की व्यापक तस्वीर का हिस्सा हो सकती है। हाल के वर्षों में दक्षिणपंथी उग्रवाद और ‘लोन वुल्फ’ हमलावरों से जुड़े खतरे बढ़े हैं, जिससे वीआईपी सुरक्षा व्यवस्था और अधिक चुनौतीपूर्ण हो गई है।
ताजा घटनाक्रम के बाद नीदरलैंड में शाही परिवार की सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है। सार्वजनिक कार्यक्रमों और आवाजाही के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। फिलहाल जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह मामला किसी अकेले व्यक्ति की हरकत है या किसी बड़े चरमपंथी नेटवर्क से जुड़ा हुआ है।
गौरतलब है कि नाजीवाद 20वीं सदी की एक कट्टरपंथी, लोकतंत्र विरोधी और यहूदी विरोधी विचारधारा थी, जिसका उदय जर्मनी में राष्ट्रीय समाजवादी जर्मन मजदूर पार्टी (नाजी पार्टी) के साथ हुआ था। इसके नेता एडोल्फ हिटलर थे, जिन्होंने 1933 में सत्ता में आने के बाद तानाशाही स्थापित की और लोकतांत्रिक व्यवस्था को समाप्त कर दिया। 1939 में जर्मनी के पोलैंड पर हमले के साथ द्वितीय विश्व युद्ध शुरू हुआ और 1945 में जर्मनी की हार के साथ नाजी शासन का अंत हो गया। हालांकि, हालिया घटनाक्रम ने एक बार फिर यूरोप में सुरक्षा और चरमपंथ को लेकर चिंता बढ़ा दी है।