वारदात

धुएं और बंद दरवाजों में घुट गई 9 जिंदगियां

दिल्ली के विवेक विहार में भीषण अग्निकांड

दिल्ली के विवेक विहार इलाके में रविवार तड़के एक चार मंजिला इमारत में भीषण आग लग गई। सुबह करीब 3:47 बजे लगी इस आग में 9 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग गंभीर रूप से झुलस गए। सूचना मिलते ही 14 फायर टेंडर मौके पर पहुंचे और दमकल कर्मियों ने आग बुझाने के साथ-साथ इमारत में फंसे लोगों को निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। गहरे धुएं के बीच से 12 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। मृतकों की पहचान अरविंद (60), अनीता जैन (58), निशांत जैन (35), अंचल जैन, शिखा जैन, नितिन जैन, शैली जैन, सम्यक और मास्टर आकाश के रूप में हुई है।

बताया जा रहा है कि बिल्डिंग नंबर B-12 में रहने वाले 8 परिवार घटना के वक्त अपने घरों में सो रहे थे। हर फ्लोर पर दो फ्लैट बने थे, जो एक कॉमन सीढ़ी और लिफ्ट से जुड़े थे। चश्मदीदों के मुताबिक आग की शुरुआत दूसरी मंजिल पर लगे एसी के आउटडोर यूनिट से हुई, जहां शॉर्ट सर्किट के बाद आग तेजी से फैल गई और लकड़ी के ज्यादा इस्तेमाल के कारण पूरे भवन में फैलती चली गई।

इस हादसे में इलेक्ट्रिक लॉक बड़ी वजह बने, जो शॉर्ट सर्किट के बाद जाम हो गए और लोग अपने कमरों से बाहर नहीं निकल सके। दूसरी मंजिल पर 5 लोगों की मौत हो गई, जबकि ऊपरी मंजिल पर रहने वाले तीन लोग छत की ओर भागे लेकिन दरवाजा बंद मिलने और धुएं के कारण बेहोश होकर आग की चपेट में आ गए।

पहली मंजिल से भी एक शव बरामद हुआ, जहां दरवाजा जाम होने के कारण व्यक्ति बाहर नहीं निकल सका। दमकल कर्मियों को बचाव कार्य में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा क्योंकि आग पीछे से शुरू होकर पूरे भवन में फैल चुकी थी, पीछे के फ्लैटों में खुली बालकनी नहीं थी, कई जगहों पर लोहे की ग्रिल लगी थी और 8 फ्लैटों के लिए केवल एक संकरी सीढ़ी थी।

आसपास की इमारतें भी बेहद करीब होने के कारण आग का असर वहां भी देखने को मिला। यह दर्दनाक हादसा एक बार फिर शहरी इलाकों में सुरक्षा मानकों की कमी को उजागर करता है, जहां घनी आबादी, संकरी गलियां, अनियोजित निर्माण, बिजली का ओवरलोड और ज्वलनशील सामग्री आग को तेजी से फैलने में बड़ी भूमिका निभाते हैं।