राजकरण

जनादेश का दिन

5 राज्यों के चुनावी नतीजे आज

पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम, केरल और पुडुचेरी में आज मतगणना का दिन है। इन राज्यों में हुए हाई-वोल्टेज मुकाबलों के नतीजे कई बड़ी राजनीतिक तस्वीरें साफ करेंगे। क्षेत्रीय दलों जैसे तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) के साथ-साथ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), कांग्रेस और वाम दलों के लिए ये परिणाम बेहद अहम माने जा रहे हैं।

मतगणना सुबह 8 बजे डाक मतपत्रों की गिनती के साथ शुरू होगी। सभी केंद्रों पर तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू है। इस बार निर्वाचन आयोग ने ECINET के तहत क्यूआर कोड आधारित फोटो पहचान प्रणाली शुरू की है, जिससे मतगणना केंद्रों में अनधिकृत प्रवेश पर रोक लगेगी।

पश्चिम बंगाल में 293 विधानसभा सीटों के लिए 77 केंद्रों पर गिनती होगी। राज्य में दो चरणों में मतदान 29 अप्रैल को पूरा हुआ था और रिकॉर्ड 92.47% मतदान दर्ज किया गया। दक्षिण 24 परगना की फलता सीट पर मतदान रद्द होने के कारण वहां 21 मई को पुनर्मतदान होगा। इस बार मतगणना केंद्रों की संख्या पहले घोषित 87 से घटाकर 77 कर दी गई है।

असम में 126 सीटों के लिए 722 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला होना है। 35 जिलों में 40 मतगणना केंद्र बनाए गए हैं। सुरक्षा के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की 25 कंपनियां तैनात हैं। राज्य में 9 अप्रैल को मतदान हुआ था और 85.96% मतदान दर्ज किया गया।

केरल में 140 सीटों पर 883 उम्मीदवार मैदान में हैं। कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ, दो कार्यकाल से सत्ता में मौजूद लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) को हटाने की कोशिश में है। यदि एलडीएफ हारता है, तो यह 1960 के दशक के बाद पहली बार होगा जब राज्य में वाम दल सत्ता से बाहर होंगे।

तमिलनाडु में 234 सीटों के लिए सोमवार को मतगणना होगी। सत्ताधारी द्रमुक लगातार दूसरी बार सत्ता में लौटने की उम्मीद कर रही है। इस बार मुकाबला अन्नाद्रमुक के साथ-साथ अभिनेता-राजनेता विजय की पार्टी टीवीके और सीमान की पार्टी एनटीके से भी है। इस बार 10,545 कर्मी और 4,624 माइक्रो-ऑब्जर्वर तैनात किए गए हैं।

पुडुचेरी में 30 विधानसभा सीटों की गणना के लिए छह मतगणना केंद्र बनाए गए हैं। कुल मिलाकर, आज के नतीजे न सिर्फ इन राज्यों की सत्ता तय करेंगे, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति पर भी इसका व्यापक असर देखने को मिल सकता है।