उत्तर प्रदेश के
मिर्जापुर में बुधवार रात हुआ एक भीषण
सड़क हादसा में 11 लोगों की मौत हो गई,
जिनमें से 9 लोग बोलेरो में जिंदा जल गए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर
दुख जताया है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री
योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया
प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “जनपद
मीरजापुर में सड़क दुर्घटना में हुई जनहानि
अत्यंत दुःखद एवं हृदय विदारक है। मेरी
संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ
हैं। संबंधित अधिकारियों को घायलों का
समुचित उपचार कराने के निर्देश दिए
हैं। प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत
आत्माओं को सद्गति एवं शोकाकुल
परिजनों को यह अथाह दुःख सहन करने
की शक्ति तथा घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य
लाभ प्रदान करें।
” हादसे में जान गंवाने
वालों की सूची भी प्रशासन द्वारा जारी कर
दी गई है। मृतकों में सतना निवासी प्रियंका
सिंह (42), कार्तिकेय सिंह (19),
जिगना निवासी पियूष सिंह (14),
पंकज सिंह (40), बीना सिंह (47),
वंदना सिंह (43), शिवा सिंह (48),
सोनम सिंह (19), रामपुर निवासी विष्णु
सिंह (45), नेया खेड़ा निवासी विकास
शर्मा (32) और भटियागांव निवासी जय
प्रकाश (28) शामिल हुई हैं। इनमें से कई
एक ही परिवार या आसपास के क्षेत्रों से
थे, जिससे पूरे इलाके में शोक की लहर है।
जानकारी के अनुसार, यह हादसा
उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में बुधवार
रात एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे क्षेत्र
को झकझोर कर रख दिया। इस दर्दनाक
दुर्घटना में कुल 11 लोगों की मौत हो गई,
जिनमें से 9 लोग बोलेरो वाहन में जिंदा
जल गए।
हादसा रीवा-मिर्जापुर राष्ट्रीय
राजमार्ग पर ड्रमंडगंज घाटी के ढलान पर
हुआ, जहां तेज रफ्तार और ब्क फेल रे ट्रक
ने कई वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया।
रात करीब 8:30 बजे हुआ जब मध्य
प्रदेश से चना लादकर आ रहा एक ट्रक
अचानक अनियंत्रित हो गया। ब्रेक फेल
होने के कारण ट्रक तेज गति से नीचे की
ओर बढ़ा और सामने चल रही बोलेरो
को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी
भीषण थी कि बोलेरो आगे चल रहे गिट्टी
से भरे ट्रक से जा टकराई और देखते
ही देखते आग का गोला बन गई। इसी
दौरान पीछे से आ रहे एक अन्य ट्रक ने भी
संतुलन खो दिया और आगे चल रही कार
से भिड़ गया।
कुछ ही क्षणों में सड़क पर अफरा-
तफरी, आग की लपटें और चीख-पुकार
का भयावह मंजर छा गया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस
और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंच
गए। स्थानीय लोगों की मदद से आग
बुझाने और घायलों को बाहर निकालने
का प्रयास किया गया।
घायलों को तत्काल
नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया,
जहां उनका इलाज जारी है।
प्रशासन ने हादसे की जांच शुरू कर
दी है और प्रारंभिक तौर पर ब्रेक फेल होना
दुर्घटना का मुख्य कारण माना जा रहा है।
इस घटना ने एक बार फिर पहाड़ी और
ढलान वाले मार्गों पर भारी वाहनों की
सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए
हैं। स्थानीय लोगों ने भी इस मार्ग पर सुरक्षा
उपायों को और मजबूत करने की मांग की
है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं
को रोका जा सके।