भारत के मुख्य
न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत ने
मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट के पांच नए
जजों को पद की शपथ दिलाई। जस्टिस
शील नागू, श्री चंद्रशेखर, संजीव
सचदेवा, अरुण पल्ली, और साथ ही
वरिष्ठ वकील वी. मोहना ने सुप्रीम
कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश पर केंद्र
सरकार द्वारा उनकी नियुक्तियों को मंजूरी
दिए जाने के बाद सर्वोच्च न्यायालय के
जज के तौर पर शपथ ली।
इसके साथ
ही सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या 37
हो गई है। 22 मई और 27 मई को हुई
बैठकों में कॉलेजियम की सिफारिशों पर
केंद्र सरकार ने सोमवार को चार हाईकोर्ट
के मुख्य न्यायाधीशों और वरिष्ठ वकील
मोहना को सुप्रीम कोर्ट में पदोन्नत करने की
मंजूरी दी।
केंद्रीय कानून और न्याय मंत्री
अर्जुन राम मेघवाल ने सोशल मीडिया
प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में बताया
कि राष्ट्रपति ने भारत के मुख्य न्यायाधीश
(सीजेआई) से सलाह-मशविरा करने
के बाद, जस्टिस शील नागू, जस्टिस
श्री चंद्रशेखर, जस्टिस संजीव सचदेवा
और जस्टिस अरुण पल्ली, और साथ ही
वरिष्ठ वकील वी. मोहना को सुप्रीम कोर्ट
का न्यायाधीश नियुक्त किया है।
कॉलेजियम ने सुप्रीम कोर्ट की
वेबसाइट पर एक बयान में बताया कि
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 22 और
27 मई को हुई बैठकों में, निम्नलिखित
व्यक्तियों को सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीश
के तौर पर पदोन्नत करने की सिफारिश
की है।
जस्टिस नागू को मई 2011 में मध्य
प्रदेश हाई कोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त
किया गया था और जुलाई 2024 में
उन्होंने पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के
मुख्य न्यायाधीश का पदभार संभाला।
जस्टिस चंद्रशेखर को जनवरी 2013
में झारखंड हाई कोर्ट का न्यायाधीश बनाया
गया था और जनवरी 2025 में उन्होंने
बॉम्बेहाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश का
पदभार संभाला।
जस्टिस सचदेवा को अप्रैल 2013 में
दिल्लीहाई कोर्ट का अतिरिक्त न्यायाधीश
नियुक्त किया गया था और मार्च 2015
में वे स्थायी न्यायाधीश बन गए। जुलाई
2025 में वे मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य
न्यायाधीश बने।
जस्टिस पल्ली को दिसंबर 2013
में पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट का
न्यायाधीश बनाया गया था और अप्रैल
2025 में उन्हें जम्मू और कश्मीर और
लद्दाख हाई कोर्ट का मुख्य न्यायाधीश
नियुक्त किया गया।
वरिष्ठ वकील वी. मोहना सुप्रीम कोर्ट
में वकालत कर रही हैं और उन्होंने सुप्रीम
कोर्ट में कई संवैधानिक, दीवानी और
सेवा कानून से जुड़े मामलों को संभाला है।