अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 500% आयात टैरिफ लगाने के बयान ने वैश्विक बाजारों में हलचल मचा दी है।
ट्रंप ने संकेत दिया कि अगर वे दोबारा सत्ता में आते हैं, तो चीन सहित कई देशों से आने वाले उत्पादों पर भारी शुल्क लगाया जा सकता है —
और इसका असर भारत के बाजारों पर भी साफ तौर पर दिखाई दिया।
सप्ताह की शुरुआत में ही निवेशकों के बीच घबराहट बढ़ गई।
सेंसेक्स करीब 600 अंक टूटकर नीचे आया, जबकि निफ्टी में भी तेज गिरावट दर्ज की गई।
निवेशकों को डर है कि ट्रंप की नई नीति से वैश्विक व्यापार लागत बढ़ेगी, जिससे
भारतीय आईटी, ऑटो और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर दबाव पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ऐसे टैरिफ लागू होते हैं तो
भारत के निर्यात पर असर पड़ सकता है, खासतौर पर अमेरिका को जाने वाले
स्टील, टेक्सटाइल और इलेक्ट्रॉनिक गुड्स पर।
दूसरी ओर, कुछ एनालिस्ट का कहना है कि यह झटका अल्पकालिक हो सकता है
क्योंकि भारत के पास घरेलू मांग की मजबूत स्थिति बनी हुई है।
फिलहाल बाजार की नजरें अमेरिकी चुनाव और डॉलर की मजबूती पर टिकी हुई हैं।
निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे घबराकर बिकवाली न करें
और लंबी अवधि के नजरिए से अपने निवेश को बनाए रखें।