उत्तर प्रदेश के
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार
को काशी से प्रदेशव्यापी ‘स्कूल चलो
अभियान’ का शुभारंभ किया और
बुनियादी शिक्षा को लेकर सरकार की
प्राथमिकता को स्पष्ट किया। इस दौरान
उन्होंने कहा कि शिक्षा ही भविष्य की
असली ताकत होती है। वाराणसी के
शिवपुर स्थित कंपोजिट विद्यालय में
आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी
आदित्यनाथ बच्चों के बीच पहुंचे तो
माहौल उत्साह से भर उठा। उन्होंने बच्चों
को अपने हाथों से स्कूल बैग पहनाया,
किताबें वितरित कीं और उनसे आत्मीय
संवाद किया। इस दौरान उन्होंने पांच
‘निपुण विद्यार्थियों’ को सम्मानित किया
और कई कक्षाओं के छात्रों को पाठ्य
सामग्री प्रदान की।
मुख्यमंत्री ने नए शैक्षिक
सत्र 2026-27 के लिए ‘स्कूल चलो
अभियान’ की शुरुआत करते हुए शैक्षिक
नवाचार और उपलब्धियों की पुस्तिका
का विमोचन भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा
किशिक्षा केवल डिग्री नहीं, बल्कि इंसान
को बेहतर मनुष्य बनाने का माध्यम है।
उन्होंने जनपद के पांच ‘निपुण विद्यालयों’
के प्रधानाध्यापकों को प्रमाण पत्र देकर
सम्मानित किया।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी
आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 से पहले
शिक्षा व्यवस्था उपेक्षित थी और नकल
की प्रवृत्ति हावी थी, लेकिन अब प्रदेश
में पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का
माहौल बना है। उन्होंने कहा कि राज्य
सरकार स्कूली शिक्षा पर 80 हजार
करोड़ रुपये से अधिक खर्च कर रही है
और इसका उद्देश्य हर बच्चे को बेहतर
अवसर देना है।
उन्होंने शिक्षकों को शिक्षा व्यवस्था की
रीढ़ बताते हुए कहा कि उनके समर्पण से
ही ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ जैसे अभियान
सफल हुए हैं और स्कूलों की तस्वीर
बदली है। मुख्यमंत्री ने समाज के सभी
वर्गों से अपील की कि वे ‘स्कूल चलो
अभियान’ से जुड़कर हर बच्चे को स्कूल
तक पहुंचाने में सहयोग करें। कार्यक्रम के
दौरान मुख्यमंत्री ने बच्चों द्वारा लगाई गई
प्रदर्शनी का अवलोकन किया और उनके
प्रोजेक्ट्स की सराहना की, जिससे बच्चों
का उत्साह और बढ़ाया।
बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र
प्रभार) संदीप सिंह ने “स्कूल चलो
अभियान” के महत्व को समझाया।
कहा
कि यह अभियान 6 से 14 वर्ष की आयु
के प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्णशिक्षा से
जोड़ने और उनके भविष्य को उज्ज्वल
बनाने के लिए है। मंत्री ने उत्तर प्रदेश
सरकार द्वारा पिछले नौ वर्षों में परिषदीय
बेसिक शिक्षा विद्यालयों में किए गए
सुधारों पर प्रकाश डाला।