विपक्ष ने लोकसभा स्पीकर ओम
बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस पेश
कर दिया। इसमें 118 सांसदों के हस्ताक्षर हैं। बजट सत्र
के 10वें दिन मंगलवार को लोकसभा में प्रश्नकाल में
कारव्य ाही नहीं हो सकी। 11 बजे सदन शुरू होते ही विपक्ष
ने जमकर हंगामा किया। महज 1 मिनट बाद चेयर पर
मौजूद पीसी मोहन 12 बजे तक के लिए सदन स्थगित
कर दिया।
दोपहर 12 बजे सदन की कार्यवाहीदोबारा शुरू हुई।
इस बीच भी विपक्ष का हंगामा जारी रहा। सांसद वी वॉन्ट
जस्टिस के नारे लगाते रहे। इसके बाद सदन 2 बजे तक
स्थगित कर दिया गया।
हंगामे के बीच संसदीय कार्यमंत्री
किरेन रिजिजू ने विपक्षी सांसदों से हाथ जोड़कर कहा
कि बजट पर चर्चा होने दें। इससे हम सबका नुकसान
हो रहा है। आप रोज आकर हंगामा करते हैं। ऐसे में काम
नहीं हो पा रहा। दोपहर 2 बजे कार्यवाही शुरू हुई। स्पीकर
की चेयर पर ओम बिरला की जगह केपी तेनेट्टी आए।
उन्होंने विपक्ष से शशिथरूर को आम बजट पर चर्चा शुरू
करने के लिए कहा। इससे पहले लोकसभा के बाहर बुक
कॉन्ट्रोवर्सी पर राहुल गांधी ने कहा कि या तो पूर्व आर्मी
चीफ जनरल नरवणे झूठ बोल रहे हैं या फिर पेंगुइन।
राहुल ने कहा, ‘मुझे विश्वास है कि नरवणे झूठ नहीं
बोलेंगे।’
अविश्वास प्रस्ताव नोटिस पर राहुल गांधी ने ही नहीं
किए हस्ताक्षर
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्षी
सांसदों ने लोकसभा सचिवालय को अविश्वास प्रस्ताव
लाने का नोटिस दिया है।
यह नोटिस नेता प्रतिपक्ष राहुल
गांधी को संसद में न बोलने देने के आरोप में लाया जा
रहा है। हालांकि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने ही इस पर
हस्ताक्षर नहीं किए हैं। न्यूज एजेंसी एएनआई ने कांग्रेस
सूत्रों के हवाले से बताया कि स्पीकर को पद से हटाने
के नोटिस पर नेता प्रतिपक्ष का हस्ताक्षर करना संसदीय
लोकतंत्र में सही नहीं है। इसी वजह से राहुल गांधी ने
नोटिस पर हस्ताक्षर नहीं करने का फैसला किया। देश
विपक्ष के 118 सांसदों ने इस नोटिस पर हस्ताक्षर किए
हैं। हस्ताक्षर करने वाले सांसदों में कांग्रेस, डीएमके,
सपा के सांसद शामिल हैं। नोटिस में विपक्ष ने कहा है,
लोकसभा स्पीकर लगातार विपक्षी सांसदों को जनहित
के मुद्दे उठाने से रोक रहे हैं। नोटिस में बताया गया कि
अनुच्छेद 94(सी) के तहत नोटिस दिया गया है क्योंकि
स्पीकर खुलेआम पक्षपात कर रहे हैं।