योगी सरकार ने
2027 चुनाव से पहले अब तक का सबसे
बड़ा बजट पेश किया। वित्त मंत्री ने 9.12
लाख करोड़ का बजट पेश किया है। यह
योगी सरकार 10वां बजट है। वित्तीय वर्ष
2025-26 में यूपी सरकार ने 8.7 लाख
करोड़ रुपए से ज्यादा का बजट पेश किया
था। विधानसभा चुनाव को देखते हुए
इस बार बजट में पिछले साल से 12%
की बढ़ोत्तरी की गई है। साथ ही 43 हजार
करोड़ रुपए की नई योजनाएं शुरू करने
का ऐलान हुआ है। महिलाओं के बड़े वर्ग
को साधने के लिए अब बेटियों की शादी
के लिए 51 हजार की जगह 1 लाख 1
हजार रुपए दिए जाएंगे।
बजट में योगी
सरकार ने िशक्षा स्वास्थ्य और रोजगार
पर ज्यादा ध्यान दिया है। प्रदेश सरकार के
बुधवार को पेश होने वाले बजट में चुनाव
की झलक दिखाई दी। इसमें हर वर्ग को
साधने का प्रयास िकया गया।
युवा वर्ग लुभाने के लिए वित्त मंत्री
सुरेश खन्ना ने 10 लाख रोजगार देने
का वादा किया है। प्रदेश में 60 मेडिकल
कॉलेज हैं, 14 नए और खोले जाएंगे। 3
यूनिवर्सिटीज को भी शुरू किया जाएगा।
7 शहरों को स्मार्ट बनाएगी। मेधावी
छात्राओं को 400 करोड़ रुपए से स्कूटी
बांटी जाएगी। हालांकि पिछले साल भी
बजट में इसका प्रावधान किया गया था,
लेकिन किसी को नहीं दी गई।
मध्यम वर्ग को घर दिलाने के लिए
उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद न्यू
रेजीडशिें यल स्कीम लॉन्च करेगी। 34
हजार करोड़ रुपए से नार्थ-ईस्ट कॉरिडोर
बनाया जाएगा। यह गोरखपुर से लेकर
नेपाल बॉर्डर होते हुए सहारनपुर तक
जाएगा। जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट में
अब 2 की बजाय 5 रनवे बनेंगे।
योगी सरकार ने बजट का 25%
इंफ्रास्ट्रक्चर को दिया है। कृषि को 12%,
उच्च से लेकर बेसिक एजुकेशन को
12.50 से 15% तक, जबकि हेल्थ को
6-8% राशि दी गई है। सीएम युवा उद्यमी
योजना के तहत पांच लाख रुपए तक का
लोन बिना ब्याज, बिना गारंटी मिलेगा।
सरकार ने AI यानी आर्टिफिशियल
इंटेलिजेंस के लिए 225 करोड़ रुपए दिए
हैं। योगी सरकार ने धार्मिक पर्यटन का इस
बार भी खास ध्यान रखा है। अयोध्या और
नैमिषारण्य के विकास के लिए 100-100
करोड़ रुपए दिए जाएंगे। सरकार प्रदेश के
बड़े मंदिरों का जीर्णोद्धार भी करेगी।
इसके
अलावा, मेरठ, मथुरा-वृंदावन और
कानपुर विकास प्राधिकरण के विकास
के लिए 800 करोड़ रुपए दिए है।
छात्रों को फ्री टैबलेट और स्मार्ट फोन
के लिए 2374 करोड़ रुपए बांटे जाएंगे।
चुनाव में छुट्टा गोवंश बड़ा मुद्दा बनता है,
इसलिए इनके रख-रखाव के लिए 2000
करोड़ रूपए का बजट प्रावधान किया है।
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने विधानसभा
में बजट पेश किया। उन्होंने बताया कि
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने
और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य
से विभिन्न योजनाओं के लिए प्रावधान
किए गए हैं। तकनीक आधारित विकास
को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में ‘नई और
उभरती टेक्नोलॉजी मिशन’ की स्थापना
की घोषणा की गई है।
इसके साथ ही राज्य
में डेटा अथॉरिटी और डेटा सेंटर क्लस्टर्स
स्थापित किए जाएंगे। सुरेश खन्ना ने
बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को
प्रोत्साहन देने के लिए एआई मिशन और
‘टेक युवा समर्थ युवा योजना’ शुरू की
जाएगी, जिसके जरिए युवाओं को उभरती
तकनीकों में प्रशिक्षण और अवसर
उपलब्ध कराने की योजना है। ऊर्जा
क्षेत्र में डीजल आधारित नलकपों को ू
चरणबद्ध तरीके से सौर ऊर्जा आधारित
करने का प्रावधान किया गया है। वहीं,
कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्रों की क्षमता
बढ़ाकर युवाओं को रोजगारोन्मुख
प्रशिक्षण देने पर जोर रहेगा।
उन्होंने सदन को जानकारी दी कि
उद्योग और तकनीक में निवेश के साथ
ही प्रदेश में नवाचार को बढ़ावा देने के
लिए किए गए प्रयासों के फलस्वरूप उत्तर
प्रदेश राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर स्टार्टअप
रैंकिंग में लीडर श्रेणी की रैंकिंग हासिल
हुई है।
वित्त मंत्री ने कहा कि कृषि क्षेत्र में प्रदेश
देश में अग्रणी स्थिति में है। उन्होंने बताया
कि गेहूं और आलू उत्पादन में उत्तर प्रदेश
प्रथम स्थान पर है।