पश्चिम बंगाल चुनाव में सियासी पारा चरम पर है। रविवार को कूचबिहार की रैली से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टीएमसी पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि बंगाल के सामने इस बार दो रास्ते हैं—एक ओर टीएमसी का भय, दूसरी ओर बीजेपी का भरोसा। पीएम ने कहा कि बंगाल में बदलाव का माहौल बन चुका है और जनता ने नए भविष्य पर भरोसा जताया है। विशाल जनसभा में उन्होंने टीएमसी पर सिंडिकेट, कट मनी और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए।
प्रधानमंत्री ने घुसपैठ और डेमोग्राफी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि एक तरफ घुसपैठ कराकर विदेशियों को बसाने का खतरा है, जबकि दूसरी तरफ बीजेपी घुसपैठ रोकने और बाहर करने का भरोसा देती है। उन्होंने यह भी कहा कि बदलती जनसांख्यिकी के कारण लोगों को अपनी ही जमीन पर असुरक्षा का डर है। उन्होंने कहा, “हर भ्रष्टाचारी को लूटे हुए पैसों को जनता को लौटाना ही पड़ेगा। यहां की निर्मम सरकार बंगाल की पावन माटी पर लोकतंत्र को लहूलुहान कर रही है और यह किसी भी संवैधानिक संस्था को कुछ नहीं समझती।”
कानून और सुरक्षा के मुद्दे पर प्रधानमंत्री ने कहा कि मतदान के दिन लोगों को डराने की कोशिश की जाएगी, लेकिन जनता को कानून पर भरोसा रखना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि चुनाव के बाद टीएमसी के ‘पापों’ का पूरा हिसाब होगा और कानून अपना काम करेगा, चाहे कोई कितना भी बड़ा व्यक्ति क्यों न हो। उन्होंने कहा कि बंगाल में लोकतंत्र को कमजोर किया जा रहा है और संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान नहीं किया जा रहा। उन्होंने मालदा की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि यह कानून-व्यवस्था की खराब स्थिति को दर्शाता है।
महिलाओं और विकास पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बंगाल शक्ति की पूजा की भूमि है और बीजेपी महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण के लिए काम करेगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने महिलाओं तक मूलभूत सुविधाएं पहुंचाई हैं और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के प्रयास किए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं को राजनीति में अधिक भागीदारी देने के लिए संसद और विधानसभाओं में आरक्षण का कानून बनाया गया है, जिससे आने वाले चुनावों में महिलाओं को फायदा मिलेगा। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि लंबे समय से लंबित इस अधिकार को लागू किया जाए और महिलाओं की भागीदारी को और मजबूत किया जाए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि एक समय बंगाल देश के सबसे विकसित राज्यों में गिना जाता था। व्यापार, उद्योग, कला और संस्कृति हर क्षेत्र में बंगाल अग्रणी था, लेकिन पहले वामपंथी शासन और उसके बाद तृणमूल कांग्रेस के दौर ने इस विकास की चमक को धीरे-धीरे खत्म कर दिया। उन्होंने कहा कि पहले बंगाल के लोग देश के औसत से ज्यादा कमाते थे, लेकिन अब हालात ऐसे हो गए हैं कि यहां आम लोगों की आय देश के औसत से भी कम हो गई है। उनका कहना था कि जहां देश के बाकी राज्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं, वहीं टीएमसी ने बंगाल को पीछे धकेल दिया है।
प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि जहां देश के दूसरे राज्यों में नए उद्योग लग रहे हैं, वहीं बंगाल से फैक्ट्रियां बाहर जा रही हैं। पहले लोग रोजगार के लिए बंगाल आते थे, लेकिन अब बंगाल खुद पलायन का केंद्र बन गया है। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरियों में भी टीएमसी के सिंडिकेट का कब्जा है। एसएससी शिक्षक भर्ती घोटाले का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इसमें टीएमसी के मंत्री और विधायक तक शामिल थे। उन्होंने आरोप लगाया कि कट मनी और भ्रष्टाचार के कारण युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ है।