देश की शान

केंद्रीय बजट से पहले शिक्षा मंत्री व वित्त मंत्री की मुलाकात, स्कूली व उच्च शिक्षा पर हुई बात

बजट से पहले शिक्षा मंत्री और वित्त मंत्री ने मुलाकात कर स्कूली और उच्च शिक्षा से जुड़े बजटीय मुद्दों पर चर्चा की।

 केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने गुरुवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात की। केंद्रीय बजट से पहले हुई यह मुलाकात काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस मुलाकात के दौरान शिक्षा मंत्री ने शिक्षा क्षेत्र से जुड़ी आकांक्षाओं को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ साझा किया।

उन्होंने वित्त मंत्री के साथ स्कूली शिक्षा तथा उच्च शिक्षा से जुड़ेविषयों पर बात की। उन्होंने स्कूली व उच्च शिक्षा के इकोसिस्टम के समग्र रूपांतरण के लिए विभिन्न विचारों और प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा की। बता दें कि बीते वर्षों के दौरान शिक्षा के क्षेत्र में कई उल्लेखनीय बजटीय घोषणाएं की गई हैं।

बजट में रिसर्च व बच्चों को शुरुआती स्तर से ही सीखने को लेकर कई प्रावधान किए गए थे। गुरुवार को हुई इस बैठक के बादशिक्षा मंत्रीधर्मेंद्र प्रधान ने बजट में शिक्षा को अच्छे आवंटन की उम्मीद जताई। धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि मोदी सरकार की परंपरा के अनुरूप बजट 2026–27 में शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और कौशल विकास के क्षेत्र में पहले से कहीं अधिक बड़े और साहसिक निवेश देखने को मिलेंगे।

उन्होंने कहा कि ऐसे निवेश रोजगार-आधारित विकास को गति देंगे। धर्मेंद्र प्रधान का कहना है किशिक्षा में यह निवेश ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। वहीं गुरुवार को शिक्षा मंत्रालय में स्कूल प्रबंधन विकास समिति–2026 के गठन से संबंधित मसौदा दिशा- निर्देशों पर एक प्रस्तुति की समीक्षा भी की गई।

इस पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 की भावना के अनुरूप सरकार विद्यालय प्रशासन को अधिक सहभागी बनाने व स्कूलों की गुणवत्ता में सुधार करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने शैक्षणिक उद्देश्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करने, विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों को सशक्त करने तथा विद्यालयी इकोसिस्टम को मजबूत करने की बात कही है। सोनम वांगचुक की हिरासत के आधार बताने में देरी पर कपिल सिब्बल ने उठाए सवाल नई दिल्ली (एजेंसी) ।

सुप्रीम कोर्ट में लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की हिरासत को चुनौती देने वाली उनकी पत्नी गीतांजलि जे अंगमो की याचिका पर सुनवाई हुई। अब इस मामले की अगली सुनवाई 12 जनवरी को होगी। सोनम वांगचुक की ओर से पेश वकील कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि कानून में यह साफ है कि अगर हिरासत के सभी आधार नहीं बताए जाते हैं तो इससे हिरासत का आदेश रद्द हो जाएगा।

सिब्बल ने कहा कि सोनम को हिरासत में लेने के आधार 28 दिन के बाद बताए गए, जो कानूनी समय-सीमा का साफ उल्लंघन है। उन्हें 29 सितंबर को डिटेंशन ऑर्डर और हिरासत के अधूरे आधार दिए गए थे। घटना के सबूत वाले चार वीडियो 29 तारीख को नहीं दिए गए थे। पुलिस ने वीडियो के लिंक दिए और हिरासत में लेने के आधार बताए। उन्होंने आगे कहा कि 5 अक्टूबर को एक लैपटॉपदिया गया, लेकिन 29 तारीख को दी गई पेनड्राइव में वे 4 वीडियो नहीं थे।

कानून कहता है कि अगर भरोसेमंददस्तावेज जिसके आधार पर हिरासत ली गई है, अगर उन्हें सप्लाई नहीं किया जाता है, तो हिरासत का आदेश रद्द हो जाता है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने कई फैसलों में ये बात कही है। साजिशी सिंडिकेट कभी सफल नहीं होंगे : मुख्तार अब्बास नकवी नई दिल्ली (एजेंसी)।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में पथराव की घटना पर कहा है कि ऐसे साजिशी सिंडिकेट कभी सफल नहीं होंगे। उन्होंने विपक्षीदलों पर भी हमला बोला। आईएएनएस से बातचीत में मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, “तुर्कमान गेट और उसके आसपास की साजिशें नई नहीं हैं। पिछले 10 सालों से इस देश को लगातार सांप्रदायिक दंगों, उन्माद और उग्रवाद की आग में झोंकने की साजिशें हुईं। लेकिन यह साजिश रचने वाले सिंडिकेट कभी सफल नहीं हुए।” उन्होंने कहा कि किसी भी सांप्रदायिक फसाद पर सियासी मफाद ढूंढने वाला जो साजिशी सिंडिकेट है, उसके सांप्रदायिक संक्रमण से हमें सावधान रहना होगा।