होर्मुज स्ट्रेट को लेकर Middle East में तनाव अब एक खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। यह समुद्री रास्ता दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक माना जाता है, जहां से वैश्विक तेल सप्लाई का बड़ा हिस्सा गुजरता है। ऐसे में अगर इस रास्ते पर किसी भी तरह की रुकावट आती है, तो उसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
हाल ही में ईरान के रुख और Ali Khamenei के बयानों ने इस चिंता को और बढ़ा दिया है। माना जा रहा है कि अगर ईरान इस स्ट्रेट को बंद करने जैसा कदम उठाता है, तो यह सीधे तौर पर अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकता है। इससे क्षेत्र में सैन्य तनाव भी तेजी से बढ़ सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से दुनिया भर में तेल की सप्लाई पर बड़ा असर पड़ेगा। इससे तेल की कीमतों में अचानक उछाल आ सकता है, जिसे “Global Oil Shock” कहा जा रहा है। इसका सीधा असर आम लोगों पर पड़ेगा, क्योंकि पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने से महंगाई भी तेजी से बढ़ सकती है।
इस पूरे घटनाक्रम को Strait of Hormuz के महत्व से जोड़कर देखा जा रहा है, जो पहले भी कई बार वैश्विक तनाव का केंद्र रह चुका है। अगर यहां स्थिति बिगड़ती है, तो यह सिर्फ क्षेत्रीय नहीं बल्कि एक वैश्विक संकट बन सकता है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या स्थिति कूटनीति के जरिए संभाली जाएगी या फिर यह तनाव एक बड़े टकराव में बदल जाएगा। आने वाले दिनों में लिए गए फैसले ही तय करेंगे कि दुनिया एक आर्थिक संकट की ओर बढ़ेगी या हालात को समय रहते काबू में कर लिया जाएगा।