मिडिलईस्ट में चल रहे युद्ध के कारण भारत के
बहुप्रतीक्षित लड़ाकू विमान तेजस के इंजन
की सप्लाई रुक गई है। इन विमानों के
इंजन सप्लाई करने वाली अमेरिकी कंपनी
जनरल इलेक्ट्रिक (जीई) ने हिंदुस्तान
एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) को
कह दिया है कि अभी सप्लाई नहीं दे पाएंगे।
सूत्रों ने बताया कि अब साल के अंत तक ही
इंजन मिलने की उम्मीद है। 113 इंजनों की
आपूर्ति का करार हुआ था। HAL ने मार्च
2026 तक 24 तेजस विमान वायुसेना को
देने का वादा किया था।
लेकिन, एचएएल में खड़े 9 तेजस
एमके 1ए विमान इंजन के अभाव में
वायुसेना को नहीं मिल पा रहे हैं।
जबकि
5 विमान पूरी तरह तैयार हैं। 19 विमानों
के एयर फ्म भी तैयार हैं। य रे दि आपूर्ति
बहाल होती है तो इस साल 24 और अगले
साल तक 30 इंजन मिल जाएंगे। 9000
करोड़ की 113 इंजनों की डील पर कंपनी
आगे बढ़ पाएगी। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स
लिमिटेड (HAL) ने करीब 5 महीने पहले
अमेरिकी कंपनी जनरल इलेक्ट्रिक (GE)
के साथ 1 अरब डॉलर (करीब ₹8,870
करोड़) की डील की थी।
इससे पहले फरवरी 2021 में सरकार
ने HAL के साथ 83 तेजस मार्क-1A
खरीदने के लिए 48,000 करोड़ का करार
किया था, लेकिन HAL अमेरिकी इंजन की
डिलीवरी में देरी की वजह से अभी तक एक
भी एयरक्राफ्ट नहीं सौंप पाया है।
उम्मीद है
कि 2028 तक HAL सभी एयरक्राफ्ट्स
वायुसेना को सौंप देगा। इसके लिए HAL
को GE की ओर से अभी तक 4 इंजन भी
मिल चुके हैं।
LCA तेजस मार्क-1A लड़ाकू विमान
को पाकिस्तान बॉर्डर के पास राजस्थान के
बीकानेर स्थित नाल एयरबेस पर तैनात
करने की योजना है। रक्षा मंत्रालय ने बताया
था कि इस जेट में स्वयं रक्षा कवच और
कंट्रोल एक्चुएटर होंगे। तेजस मार्क-1A के
65% से ज्यादा उपकरण भारत में बने हैं।
मार्क 1A, सिंगल इंजन वाले तेजस
एयरक्राफ्ट का एडवांस वर्जन है। यह चौथी
पीढ़ी का हल्का लड़ाकू विमान है, जो कम
वजन के बावजूद बेहद फुर्तीला है। इसमें
अपग्रेडेड एवियॉनिक्स और रडार सिस्टम
लगे हैं।
तेजस के पुराने वर्जन को भी HAL
ने डेवलप किया है।
इसे एयरोनॉटिकल
डेवलपमेंट एजेंसी (ADA) और DRDO
की मदद से बनाया गया है। इसे हवा, पानी
और जमीन पर हमलों के लिए डिजाइन
किया गया है। यह मुश्किल हालात में भी
अपने टारगेट को निशाना बना सकता है।
मार्क-1A एयरक्राफ्ट वायुसेना के
मिग-21 के बेड का र ़े िप्लेसमेंट है। मिग-21
26 सितंबर को रिटायर हो चुका है। इसने
62 साल की सर्विस के दौरान 1971 युद्ध,
कारगिल और कई बड़ेमिशन में अहम
भूमिका निभाई थी।
PM मोदी भी तेजस में उड़ान भर चुके
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 नवंबर
2022 को बेंगलुरु में तेजस फाइटर प्लेन में
उड़ान भरी थी। किसी भारतीय प्रधानमंत्री
की फाइटर प्लेन में यह पहली उड़ान थी।
तेजस में उड़ान भरने से पहले मोदी बेंगलुरु
स्थित हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड
(HAL) भी पहुंचे थे।