U-19 वर्ल्ड कप फाइनल में भारत के युवा बल्लेबाज़ Vaibhav Suryavanshi ने ऐसी पारी खेली, जिसने मैच का रुख ही बदल दिया। 15 छक्कों और 15 चौकों की बरसात के साथ उन्होंने 175 रनों की विस्फोटक पारी खेली। भले ही उनकी आंधी आखिरकार थम गई, लेकिन तब तक इंग्लैंड की टीम की कमर टूट चुकी थी।
पावर-प्ले से ही दबाव में इंग्लैंड
मैच की शुरुआत से ही वैभव ने आक्रामक तेवर अपनाए। तेज़ गेंदबाज़ हों या स्पिन—हर किसी पर करारा प्रहार किया। पावर-प्ले में बने तेज़ रनरेट ने इंग्लैंड को रक्षात्मक मोड में धकेल दिया।
साझेदारियों ने बढ़ाया स्कोर
वैभव को दूसरे छोर से भरपूर साथ मिला। बीच के ओवरों में बनी अहम साझेदारियों ने भारतीय पारी को स्थिरता भी दी और रफ्तार भी। नतीजा—स्कोरबोर्ड पर पहाड़ जैसा टोटल।
फाइनल में दबाव, लेकिन क्लास दिखी
फाइनल का दबाव अक्सर युवा खिलाड़ियों को जकड़ लेता है, पर वैभव ने क्लास और संयम दिखाया। बड़े शॉट्स के साथ गैप्स में बाउंड्री निकालना उनकी पारी की खास पहचान रही।
भारत की पकड़ मजबूत
वैभव के आउट होने के बाद भी भारत की स्थिति मजबूत बनी रही। बड़े स्कोर के दबाव में इंग्लैंड के बल्लेबाज़ शुरुआत से ही संघर्ष करते दिखे।
निष्कर्ष:
यह पारी सिर्फ रन नहीं थी—यह एक संदेश था। वैभव सूर्यवंशी ने साबित किया कि भारतीय अंडर-19 क्रिकेट का भविष्य सुरक्षित हाथों में है। फाइनल में ऐसी पारी इतिहास में याद रखी जाएगी। 🏏🔥