उत्तर प्रदेश के
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चाइनीज
मांझे से होने वाले हादसों पर सख्त रुख
अपनाया है। उन्होंने इस पर पूरी तरह से
बैन लगा दिया है और पुलिस अधिकारियों
को पूरे राज्य में छापेमारी करके इसकी
अवैध बिक्री को रोकने का निर्देश दिया
है। उन्होंने चाइनीज मांझे के खिलाफ पूरे
राज्य में अभियान चलाने का आदेश दिया
है। साथ ही कहा कि चाइनीज मांझे से
होने वाली किसी भी मौत को हत्या माना
जाएगा और पूरे ऑपरेशन की समीक्षा
उच्चतम स्तर पर की जाएगी।
दरअसल, चाइनीज मांझे से हो रहीं
मौतों पर सीएम योगी अफसरों पर भड़क
गए।
उन्होंने अफसरों से पूछा कि बैन के
बाद भी बाजार में मांझा कैसे बिक रहा है।
इस पर तत्काल रोक लगाई जाए। उन्होंने
सख्त लहजे में कहा- अब चाइनीज मांझे
से मौत होने को हत्या माना जाएगा। पुलिस
प्रमुखों को जिलेवार छापेमारी करने के
निर्देश दिए।
दरअसल, बैन के बाद भी यूपी में
धड़ल्लेसे चाइनीज मांझे बिक रहे। प्रदेश
में बीते एक साल में 8 लोगों की जान
जा चुकी है। बुधवार को ही लखनऊ
में MR का गला कट गया था। उनकी
तड़प-तड़कर मौत हो गई थी। लखनऊ
के बुलाकी अड्डा स्थित हैदरगंज पुल के
पास बुधवार की शाम बाइक से जा रहे
33 वर्षीय मोहम्मद शोएब की गर्दन में
मांझा फंस गया था। शोएब कुछ समझ
पाते इसके पहले ही मांझे से उनकी गर्दन
की नसें कट गई।
किसी तरह उन्होंने
बाइक रोकी और अचेत होकर सड़क पर
गिर गए। राहगीरों की मदद से उन्हें ट्रॉमा
सेंटर पहुंचाया गया जहां चिकित्सकों
ने मृत घोषित कर दिया। इस हादसे का
संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री योगी ने सख्त
रुख अपनाया है। बता दें, लखनऊ के
दुबग्गा के मछली मंडी निवासी शोएब
निजी कम्पनी में मेडिकल रिप्रेजेन्टेटिव
(एमआर) थे। बड़े भाई शारिक के
मुताबिक, शोएब बुधवार दोपहर बाइक से
हेलमेट लगाकर कंपनी के काम से चौक
से हैदरगंज की तरफ जा रहे थे। ओवर
ब्रिज पर उनकी गर्दन में अचानक से मांझा
आ फंसा। शोएब कुछ समझ पाते इसके
पहले ही मांझे ने गर्दन की नसें पूरी तरह
काट दी। शोएब लहूलुहान होकर सड़क
पर गिर गए। इस बीच पुल पर अफरा-
तफरी मच गई। आनन-फानन में लोगों ने
घटना की सूचना पुलिस को दी। मौके पर
पहुंची बाजारखाला पुलिस ने शोएब को
राहगीरों की मदद से किंग जार्ज मेडिकल
यूनिवर्सिटी के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया।
खून अधिक बहने और गर्दन में गंभीर
घाव होने से डॉक्टरों ने शोएब को मृत
घोषित कर दिया।