प्रधानमंत्री नरेंद्र
मोदी ने गुरुवार को राज्यसभा में राष्ट्रपति
द्रौपदी मुर्मु के अभिभाषण पर धन्यवाद
प्रस्ताव का जवाब दिया। इसदौरान उन्होंने
कहा कि आज मेरा देश पूरा सामर्थ्य दिखा
रहा है। यह तब होता है जब आपके पास
आर्थिक सामर्थ्य हो, आपके नागरिकों
में देश के प्रति ऊर्जा हो, और खासकर
मैन्युफैक्चरिंग के लिए एक मजबूत इको-
सिस्टम हो, तभी विश्व आपके साथ डील
करने के लिए आगे आता है। उन्होंने कहा
कि वोट बैंक की राजनीति में डूबे हुए लोगों
ने कभी भी देश के ऐसे अनेक पहलुओं
को मजबूतीदेना प्राथमिकता नहीं समझा।
जहां तक कांग्रेस पार्टी का सवाल है, मैं
साफ-साफ कहना चाहता हूं कि न तो
उनके पास कोई सोच थी, न कोई विजन
और न ही कोई इच्छाशक्ति थी। उन्होंने
कहा कि हाल ही में हुए व्यापार समझौतों
से हमारे युवाओं को बहुत लाभ होगा।
इसमें ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के युवा,
साथ ही मध्यम वर्ग के युवा भी शामिल हैं,
हमारे बेटे और बेटियां। वैश्विक बाजार
अब उनके लिए खुल चुका है, और नए
अवसर उनका इंतजार कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि मैं अपने युवाओं को
आश्वस्त करना चाहता हूं कि मैं आपके
साथ कंधे से कंधा मिलाक र खड़ा हूं,
और दुनिया आपकी प्रतिभाओं और
महत्वाकांक्षाओं का स्वागत करने के
लिए तैयार है।
पीएम मोदी ने कहा कि हमारी काफी
शक्ति उनकी (कांग्रेस) गलतियों को
ठीक करने में जा रही है। दुनिया के मन
में जो उनके समय की छवि है, उस छवि
को धोने में लगी हुई है, क्योंकि उन्होंने देश
को उसी हालत में छोड़ दिया था। और इसी
काम के लिए हमने फ्यूचर-रेडी पॉलिसी
पर बल दिया है। आज आपने देखा होगा
कि देश नीति के आधार पर चल रहा
है।
उसी कारण आज विश्व में देश पर
विश्वास बन रहा है। आज देश रिफॉर्म
एक्सप्रेस पर सवार हो चुका है।
उन्होंने कहा कि यहां तक कि सबसे
विकसित देश भी अपने देशों से अवैध
अप्रवासियों को निकाल रहे हैं। लेकिन
यहां, इन घुसपैठियों को संरक्षण देने के
लिए अदालतों पर अनुचित दबाव डाला
जा रहा है... ये घुसपैठिए हमारे युवाओं
को उनके अधिकारों और आजीविका
से वंचित कर रहे हैं, और वे आदिवासी
समुदायों की वास्तविक भूमि पर कब्जा
कर रहे हैं। फिर भी, ऐसे लोग यहां आकर
हमें उपदेश देते हैं!
पीएम ने राहुल पर लगाया सिखों के
अपमान का आरोप
पीएम मोदी ने कहा, कल जो घटना
घटी, इसी सदन के सांसद कांग्रेस के
शातिर दिमाग युवराज ने उन्हें गद्दार
कह दिया। अहंकार सातवें आसमान
पर पहुंच चुका है उनका। कांग्रेस को
छोड़कर कितने लोग निकले हैं। कई लोग
दूसरे देशों में गए हैं।
और किसी को तो
उन्होंने गद्दार नहीं कहा है। लेकिन कल
उन्होंने सांसद को गद्दार कहा क्योंकि वो
सिख थे। उनके अंदर सिखों के लिए जो
नफरत भरी है, यह उसका ही उदाहरण
था। जिसका परिवार देश के लिए शहादत
देने वाला परिवार है, उसके वह सदस्य हैं,
उन्होंने पार्टी बदल ली तो वे गद्दार हो गए।
वे एक सिख हैं, इसके लिए गद्दार कहना
ये दुर्भाग्य की बात है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘’कांग्रेस ने
विश्वासघात करने के विषय में भी हमारे
देश के अन्नदाता को भी नहीं छोड़ा। इस
देश में 10 करोड़ किसान ऐसे हैं, जिनके
पास दो हेक्टेयर से कम जमीन है। छोटे
किसान हैं, उनकी तरफ कभी नहीं देखा
गया। ...एक बार आपकी नेता हिमाचल में
गईं। वहां सड़क नहीं थी। उन्होंने योजना
आयोग में कहा कि हमारे कामदारों को
जीप की जरूरत नहीं है, बल्कि खच्चरों
की आवश्यकता है, लेकिन उस वक्त
योजना आयोग का जोर था किया तो जीप
या कुछ नहीं। यह भाषण और किसी का
नहीं कांग्रेस की तत्कालीन नेता इंदिरा
गांधी का भाषण था। कांग्रेस की यही
कार्यशैली रही थी। खुद इंदिरा गांधी जी
यह जानती थीं लेकिन इस कार्यशैली को
बदलने के लिए उन्होंने कोई कदम नहीं
उठाया। वे जिस प्लानिंग कमीशन की
धज्जियां उड़ा रही थीं, उसके जन्मदाता
उनके खुद के पिताजी थे। कांग्रेस के हमारे
साथियों को यह जो बदलाव आ रहा है,
उसमें इंप्लीमेंटेशन नहीं दिख रहा है।
इनका जीप और खच्चर वाला मॉडल ही
ये लोग जानते हैं।’