संसद की
कार्यवाही के दौरान मंगलवार सदन की
मर्यादा टूटने का मामला सामने आया।
सत्र में खूब हंगामा देखने को मिला। इसके
बीच कुछ सांसदों ने स्पीकर के आसन की
ओर कागज फेंके। इस पर सख्त कार्रवाई
करते हुए संबंधित सांसदों को सत्र की शेष
अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया।
आठ सांसदों पर ये कार्रवाई हुई है। भारी
शोर-शराबे और विरोध के कारण सदन
की कार्यवाही कई बार रोकनी पड़ी। वहीं,
कार्यवाही कल यानी बुधवार तक के लिए
स्थगित कर दी गई है।
दोपहर तीन बजे जब चौथी बार
लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई तो
पीठासीन अधिकारी ने स्पष्ट कहा कि
स्पीकर के आसन की ओर कागज फेंकने
वाले सदस्यों के नाम दर्जकिए जाएंगे।
इसके बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन
रिजिजू ने ऐसे सांसदों को निलंबित करने
का प्रस्ताव रखा। सदन ने ध्वनिमत से
प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इसके बावजूद
हंगामा थमता नहीं दिखा।
अनुशासनहीनता को लेकर कार्रवाई
करते हुए स्पीकर ने विपक्ष के आठ
सांसदों को संसद के मौजूदा बजट सत्र
की शेष अवधि के लिए निलंबित कर
दिया। निलंबित किए गए सांसदों में
कांग्रेस के अमरिंदर सिंह राजा वडिंग,
डीन कुरियाकोस, किरण कुमार रेड्डी और
मणिक्कम टैगोर के अलावा गुरजीत सिंह
औजला, हिबी ईडन, प्रशांत पोडोले और
एस. वेंकटेश्वरन शामिल हैं। इन सभी
पर सदन की कार्यवाही के दौरान आसन
की अवमानना और कागज़ फेंकने जैसे
आरोप लगाए गए हैं, जिसके चलते उन्हें
बजट सत्र में हिस्सा लेने से रोक दिया
गया है। इससे पहले कांग्रेस सांसद केसी
वेणुगोपाल ने टेबल पर चढ़ने की घटना
पर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा
था कि राहुल गांधी अपनी संवैधानिक
जिम्मेदारी निभा रहे हैं, लेकिन सरकार
उन्हें बोलने से रोक रही है। उन्होंने सरकार
को चुनौती देते हुए कहाथाकि अगर उसमें
साहस है तो वह सिर्फ कांग्रेस ही नहीं,
बल्कि पूरे विपक्ष के सांसदों को निलंबित
करके दिखाए। वहीं, केंद्रीय संसदीय कार्य
मंत्री किरेन रिजिजू ने पूरे मामले को लेकर
लोकसभा स्पीकर से मुलाकात की थी।
इस घटनाक्रम के बाद संसद में सियासी
तनाव और तेज हो गया है।