उत्तर प्रदेश में पशुपालकों
को सस्ती एवं गुणवत्तापूर्ण पशु औषधियां
उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पशु औषधि केंद्र
स्थापित किए जाएंगे। यह केंद्र प्रधानमंत्री जन
औषधि केंद्र की तर्ज पर स्थापित होंगे। जनपद
के प्रत्येक विकास खण्ड में एक पशु औषधि केंद्र
खोला जाएगा, जिससे पशुओं के उपचार के लिए
सस्तीदरों पर दवाएं सुलभ हो सकें। लखनऊ के
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुरेश कुमार
ने बताया कि पशु औषधि केंद्र खोलने के लिए
आवेदक को फार्मासिस्ट का नाम एवं उसका
वैध पंजीकरण विवरण, दुकान के लिए न्यूनतम
120 वर्गफुट स्थान का प्रमाण पत्र तथा ड्रग सेल
लाइसेंस का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य
होगा। पशु औषधि केंद्र स्थापित करने के इच्छुक
आवेदकों को 5000 रुपए शुल्क अदा करना
होगा। आवेदन की प्रक्रिया पूर्णतः ऑनलाइन
होगी। इसके लिए इच्छुक अभ्यर्थी आधिकारिक
पोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।
डॉ. सुरेश कुमार ने बताया कि इस योजना
के अंतर्गत प्रधानमंत्री कृषक समृद्धि केंद्र एवं
सहकारी समितियों से जुड़ेयोग्य लाभार्थियों
को प्राथमिकता प्रदान की जाएगी। यह योजना
भारत सरकार की पशुधन स्वास्थ्य एवं बीमारी
नियत्रं ण कार्यक्रम (एलएचडीसीपी) के अंतर्गत
संचालित की जाएगी। पशु औषधि केंद्रों की
स्थापना से पशुपालकों को समय पर सस्ती
दवाएं उपलब्ध होंगी, जिससे पशुपालन को और
अधिक लाभकारी बनाया जा सकेगा।
वहीं, सीएम योगी के ड्रीम प्रोजेक्ट
‘इंटरनेशनल फिल्म सिटी’ ने अब जमीनी
रफ्तार पकड़ ली है। गौतमबुद्ध नगर के जेवर क्षेत्र
में विकसित की जा रही उत्तर प्रदेश की इस पहली
इंटरनेशनल फिल्म सिटी में पहली फिल्म शूटिंग
के रूप में ‘मॉम-2’ का फिल्मांकन होने जा
रहा है।
फिल्म सिटी परिसर में शूटिंग को लेकर
प्रारंभिक तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। परियोजना
का निर्माण कर रहे बोनी कपूर और भूटानी ग्रुप के
ज्वाइंट वेंचर ‘बेव्यूभूटानी फिल्म सिटी प्राइवेट
लिमिटेड’ ने जमीन की मैपिंग का कार्य शुरू कर
दिया है। अधिकारियों के अनुसार, मैपिंग पूरी
होने के बाद करीब 20 दिनों के भीतर शूटिंग सेट
तैयार कर लिया जाएगा, जिसके बादफिल्म की
शूटिंग शुरू होने की संभावना है।
वहीं, उत्तर प्रदेश में ग्रामीण महिलाओं की
आय बढ़ाने और खेती-किसानी को नई ताकत
देने के लिए बड़ा कदम उठाया जा रहा है। उत्तर
प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत
मधुमक्खी पालन कार्यक्रम शुरू किया गया है,
जिसके माध्यम से प्रदेश के स्वयं सहायता समूहों
से जुड़ी महिलाएं शहद उत्पादन के साथ-साथ
फसलों की उत्पादकता भी बढ़ाएंगी।
योजना के अंतर्गत आगामी तीन वर्षों में
एक लाख महिला मधुमक्खी पालक तैयार
की जाएंगी। इसके तहत प्रत्येक महिला उद्यमी
की आय में प्रति वर्ष एक लाख रुपए तक की
वृद्धि का लक्ष्य रखा गया है। मधुमक्खियों द्वारा
परागण से गेहूं, सरसों, दलहन-तिलहन और
बागवानी फसलों की पैदावार में उल्लेखनीय
बढ़ोतरी होगी, जिससे किसानों को भी सीधा
लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
के मिशन विलेज के तहत अब यूपी का शहद
वैश्विक पहचान बनाएगा। महिलाएं शहद का
अपना ब्रांड विकसित करेंगी।