जनपद में अवैध उपखनिज
परिवहन और खनन पर प्रभावी
नियंत्रण के लिए जिला प्रशासन
ने निगरानी और कार्रवाई को
नए स्तर पर पहुंचा दिया है।
जिलाधिकारी अस्मिता लाल के
निर्देशन में राजस्व, पुलिस, खनन और परिवहन विभाग के संयुक्त प्रयासों से
24×7 चेकिंग व्यवस्थालागू की गई है। प्रशासन ने स्पष्टकिया है किबिना रॉयल्टी
उपखनिज का परिवहन किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। अवैध
उपखनिज परिवहन की रोकथाम के लिए निवाड़ा चौकी, जीवाना टोल प्लाजा
और डूंडाहेड़ा चौकी पर चौबीसों घंटे संयुक्त जांच शुरू की गई है।
इन चेक पोस्टों
पर तहसील स्तर के राजस्व अधिकारी पुलिस विभाग के सहयोग से तैनात हैं, जहां
वाहनों के दस्तावेज, रॉयल्टी रसीद और परमिट की सख्ती से जांच की जा रही है।
प्रमुख प्रवेश मार्गों और सीमा क्षेत्रों पर निगरानी बढ़ने से अवैध परिवहन के प्रयासों
पर त्वरित रोक लग रही है। रात्रिकालीन प्रवर्तन के लिए उप जिलाधिकारी, नायब
तहसीलदार, खनन अधिकारी तथा एआरटीओ को रात में निरीक्षण और कार्रवाई
के निर्देश दिए गए हैं।
इस सघन अभियान का असर जनवरी 2026 में साफ दिखाई
दिया है। अधिकारियों के अनुसार, जनवरी माह में लगभग 80 वाहनों से 66 लाख
रुपये की धनराशि राजस्व के रूप में जमा कराई जा चुकी है। डिजिटल व्यवस्था को
अभियान का अहम आधार बनाया गया है। एम-चेक एप के माध्यम से मौके पर ही
नोटिस और चालान जारी कर त्वरित वसूली की जा रही है। उपलब्ध आंकड़ों के
अनुसार, 01 अप्रैल 2025 से 31 दिसंबर 2025 के बीच एम-चेक एप से 256
वाहनों से करीब 1.15 करोड़ रुपये की धनराशि जमा कराई गई। इसके अतिरिक्त,
उपखनिज (साधारण मिट्टी) के अवैध खनन के 13 प्रकरणों में 33.44 लाख
रुपये की वसूली की गई है। अवैध परिवहन के नेटवर्क पर प्रभावी नियंत्रण के
लिए अंतरराज्यीय स्तर पर भी कदम उठाए गए हैं। निवाड़ा स्थित चेक पोस्ट और
एम-चेक एप से निर्गत नोटिसों में निहित धनराशि की वसूली के लिए हरियाणा
राज्य के 10 जनपदों के साथ ऑनलाइन बैठक की गई।