राजकरण

शुभेंदु की सरकार, दक्षिण में इंतजार

पश्चिम बंगाल में आज सीएम की शपथ

विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद पश्चिम बंगाल में नई सरकार के गठन का रास्ता साफ हो गया है. हालांकि, तमिलनाडु और केरल में अभी भी नए मुख्यमंत्री के नाम को लेकर संशय की स्थिति बरकरार है. बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को कोलकाता में राज्यपाल आर.एन. रवि से मुलाकात की. उन्होंने विधायकों के समर्थन का पत्र सौंपकर आधिकारिक तौर पर पश्चिम बंगाल में नई सरकार बनाने का दावा पेश किया. वह आज सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. इससे पहले बीजेपी विधायक दल की बैठक में शुभेंदु अधिकारी के नाम पर अंतिम मुहर लगी. गृह मंत्री अमित शाह ने खुद उनके नाम का ऐलान किया, जिसका सभी विधायकों ने एक सुर में समर्थन किया. बंगाल में पहली बार बीजेपी का मुख्यमंत्री बनेगा और इस शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल होंगे. भवानीपुर में ममता बनर्जी को मात देने वाले शुभेंदु के साथ दो डिप्टी सीएम भी बनाए जाने की चर्चा है, जिससे राज्य में नए राजनीतिक समीकरण देखने को मिल सकते हैं.
उधर, तमिलनाडु में सरकार पर सस्पेंस फिर गहरा गया है. TVK प्रमुख विजय को शनिवार सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेनी थी, लेकिन अब नई जानकारी सामने आई है. पता चला है कि राज्यपाल अभी दो पार्टियों के समर्थन पत्र का इंतजार कर रहे हैं. इसलिए उनकी तरफ से शपथग्रहण का दिन और टाइम तय नहीं है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, VCK और IUML का समर्थन पत्र (विधायकों के साइन वाला लेटर) राज्यपाल को नहीं मिला है. जानकारी मिली है कि VCK ने समर्थन जताने के लिए डिप्टी सीएम का पद मांगा है. वहीं, IUML पार्टी का कहना है कि वो एमके स्टालिन के साथ हैं. विजय ने राज्यपाल को 116 विधायकों के समर्थन वाला पत्र ही सौंपा था. साथ ही कहा था कि बाकियों के साइन वाले लेटर भी जल्द मिल जाएंगे. इसी वजह से लोक भवन उन दो हस्ताक्षरों का इंतजार कर रहा है, और उसने अभी तक शपथ ग्रहण की तारीख और समय की आधिकारिक घोषणा नहीं की है. इसमें TVK (107), कांग्रेस (5), CPI-CPM (4) विधायकों के साइन शामिल हैं. वैसे तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 में TVK को 108 सीट मिली हैं, लेकिन विजय दो सीट से लड़े थे, इसलिए उनको एक सीट छोड़नी होगी. ऐसे में उनकी पार्टी के विधायकों की संख्या भी 107 मानी जाएगी. इससे पहले शुक्रवार देर शाम प्रदेश के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने उन्हें सरकार बनाने का न्योता दिया था. राज्यपाल भवन में हुई मुलाकात के बाद विजय ने इस ऐतिहासिक जिम्मेदारी को स्वीकार किया. मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण कार्यक्रम में कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी शामिल होंगे ऐसी खबरें थीं.
विजय का राजनीति में प्रवेश फिल्मी दुनिया से अलग एक नई लहर लेकर आया है. उनकी पार्टी TVK ने युवाओं, महिलाओं और आम जनता के बीच जबरदस्त समर्थन हासिल किया है. अभिनेता से नेता बनने की उनकी यात्रा ने तमिलनाडु की राजनीति को पूरी तरह बदल दिया है. लोग अब विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे मुद्दों पर नई उम्मीदें लगा रहे हैं. यही वजह रही थी कि उनकी सभाओं में भारी भीड़ देखने को मिली और पहली बार चुनाव लड़ने के बावजूद पार्टी ने शानदार प्रदर्शन किया.
विजय के सामने क्या है चुनौतियां?
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विजय के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती चुनावी वादों को जमीन पर उतारने की होगी. जनता को उनसे रोजगार, बेहतर शिक्षा व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और निवेश बढ़ाने जैसी बड़ी उम्मीदें हैं. वहीं, उनके समर्थकों का कहना है कि विजय की सरकार तमिलनाडु में नई राजनीतिक संस्कृति और नए प्रशासनिक मॉडल की शुरुआत कर सकती है.
इनपुट: अक्षिता नंदगोपाल
असम में 12 मई को शपथग्रहण समारोह
असम में भी शपथ ग्रहण को  लेकर चर्चा तेज हो गई है. सूत्रों को मानें तो हिमंता बिस्वा सरमा एक बार फिर सीएम पद की शपथ ले सकते हैं. संभव है कि यह आयोजन 12 मई को होगा. अगर असम में हिमंता ही शपथ लेते हैं तो यह दूसरी बार होगा जब वह सीएम पद की शपथ लेने वाले हैं. सूत्रों के हवाले से खबर है कि हिमंत बिस्वा सरमा 12 मई को दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं. शपथ ग्रहण समारोह को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं और पार्टी संगठन स्तर पर भी हलचल तेज हो गई है.